Last Updated on जुलाई 29, 2025 14:47, अपराह्न by Pawan
Cardamom Futures Trading started on MCX : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) ने किसानों और व्यापारियों के लिए एक अहम कदम उठाया है। एमसीएक्स ने इलायची फ्यूचर्स कारोबार की शुरुआत आज यानी 29 जुलाई से कर दी है। भारत की मसाला इंडस्ट्री के लिए इलायची फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट अहम कदम साबित होगा।
इससे किसानों और व्यापारियों को बेहतर प्राइस डिस्कवरी में मदद मिलेगी। इलायची भारत की एक प्रीमियम मसाला फसल है, खासतौर पर दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है। MCX के इस कदम से दक्षिण भारत के छोटे और मध्यम स्तर के किसानों को फायदा होगा।
कैसे काम करेगा इलायची फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट?
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए 3 महीने के कॉन्ट्रैक्ट एक साथ लॉन्च किए जाएंगे। हर कॉन्ट्रैक्ट की ट्रेडिंग 100 किलोग्राम की यूनिट में होगी और न्यूनतम प्राइस मूवमेंट 1 रुपये प्रति किलो रखा गया है। यानी अगर कीमत बढ़े या घटे, तो कम से कम 1 रुपये का फर्क दिखेगा। एक बार में अधिकतम 5000 किलो तक की ट्रेडिंग संभव होगी। ट्रेडिंग का दिन सोमवार से शुक्रवार तय किया गया है। ट्रेडिंग का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। इसकी डेली प्राइस लिमिट 4% है।
भोज मसाले के को-फाउंडर राजेश भोजवानी का कहना है कि इलायची की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण सरकार अब फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के जरिए स्टेबिलिटी लाना चाहती है। हमें लगता है कि कीमतों में आया उछाल कुछ समय के लिए है। आने वाले समय में इलायची की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद है।
डिमांड कैसी है?इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इलायची हमेशा से ही डिमांड में रही है। घरेलू और विदेशी बाजार दोनों ही बाजार में इलायची की डिमांड की पोजिशन अच्छी रहती है। भारतीय इलायची की दुनियाभर में अच्छी मांग है। सप्लाई साइट पर अगर कोई कंसर्न आता है तो इस सेगमेंट में प्राइस ऊपर ही रहने की उम्मीद है।
इस साल इलायची की फसल कम रही है जिसके चलते प्राइस में उछाल की उम्मीद बनी हुई है। जैसे-जैसे नई सीजन का कॉर्प बाजार में आता रहेगा, वैसे-वैसे प्राइस में स्टेबिलिटी नजर आती रहेगी।