Last Updated on दिसम्बर 28, 2025 12:51, अपराह्न by Pawan
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सभी सब्सिडियरीज को 2030 तक शेयर बाजार में लिस्ट कराए। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सरकार चाहती है कि कंपनी का कामकाज मजबूत बने। इस कदम का मकसद CIL में गवर्नेंस को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और एसेट मॉनेटाइजेशन के जरिए वैल्यू क्रिएट करना है। कोल इंडिया लिमिटेड देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान देती है।
कोल इंडिया लिमिटेड की 8 सब्सिडियरीज हैं। इनमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड को मार्च 2026 तक शेयर बाजार में लिस्ट किया जाना है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। BCCL के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रोडशो भी पूरे हो चुके हैं। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड को लिस्ट कराने की प्रक्रिया पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है और इसमें किसी प्रकार का होल्ड या देरी नहीं है।