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Cochin Shipyard Q1 Results: डिफेंस कंपनी का Q1 प्रॉफिट 187 करोड़ के पार, इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी से बढ़ी ताकत | Zee Business

Cochin Shipyard Q1 Results: डिफेंस कंपनी का Q1 प्रॉफिट 187 करोड़ के पार, इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी से बढ़ी ताकत | Zee Business

Last Updated on अगस्त 13, 2025 7:27, पूर्वाह्न by

 

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Ltd) ने 12 अगस्त 2025 को जून तिमाही (Q1FY26) के नतीजे जारी किए. कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 1,122.92 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 855.48 करोड़ रुपए की तुलना में लगभग 38% ज्यादा है. कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 187.82 करोड़ रुपए दर्ज हुआ, जो पिछले साल 174.23 करोड़ रुपए था, यानी सालाना आधार पर करीब 7.8% की बढ़त.

कंपनी का कुल खर्च इस तिमाही में 8,733.8 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले साल यह 6,196.6 करोड़ रुपए था. ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 249.54 करोड़ रुपए रहा और ऑपरेटिंग मार्जिन 24% दर्ज किया गया. नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 18% रहा, जो बताता है कि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के साथ मुनाफा भी मजबूत बना रहा.

शिप रिपेयर ने दिखाई ताकत

Cochin Shipyard का बिजनेस मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा है- शिप बिल्डिंग और शिप रिपेयर. इस तिमाही में शिप रिपेयर बिजनेस ने 629.62 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दिया, जो पिछले साल के 244.77 करोड़ रुपए की तुलना में ढाई गुना से ज्यादा है. यह सेगमेंट कंपनी की ग्रोथ का मुख्य इंजन साबित हुआ.

वहीं, शिप बिल्डिंग सेगमेंट ने 438.97 करोड़ रुपए की कमाई की, जो पिछले साल के 526.69 करोड़ रुपए से थोड़ी कम है. हालांकि, इस सेगमेंट का मार्जिन स्थिर रहा. अन्य आय (Other Income) 54.33 करोड़ रुपए रही, जो डेटाबेस, बैंकिंग और अन्य सर्विसेज से आई.

प्रॉफिट और मार्जिन में सुधार

कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 249.54 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 235.82 करोड़ रुपए से ज्यादा है. EBITDA मार्जिन 24% रहा, जबकि पिछले साल यह 31% था, यानि मार्जिन में थोड़ी कमी आई, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ ने कुल मुनाफे को ऊपर रखा. नेट प्रॉफिट मार्जिन 18% रहा, जो इंडस्ट्री औसत से काफी बेहतर है.

कहां कितना हुआ खर्च

    • मटेरियल कॉस्ट: 325.05 करोड़ रुपए, जो पिछले साल के 316.66 करोड़ रुपए से थोड़ी बढ़ी.

 

    • सब-कॉन्ट्रैक्ट और डायरेक्ट खर्च: 261.07 करोड़ रुपए, पिछले साल 113.39 करोड़ रुपए.

 

    • कर्मचारी खर्च: 106.74 करोड़ रुपए, पिछले साल 99.89 करोड़ रुपए.

 

    • डेप्रिसिएशन: 33.98 करोड़ रुपए, जो पिछले साल के 18.94 करोड़ रुपए से लगभग दोगुना है.

 

    • अन्य खर्च: 102.47 करोड़ रुपए, पिछले साल 61.80 करोड़ रुपए.

 

इन आंकड़ों से साफ है कि ऑपरेशंस के विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स के चलते खर्च बढ़ा है, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ ने इसका असर कम कर दिया.

बड़े प्रोजेक्ट्स और अपडेट

कंपनी ने हाल ही में दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी और न्यू ड्राई डॉक को कैपिटलाइज किया है. इन पर कुल मिलाकर 2,15,348 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया गया है. इससे भविष्य में क्षमता और रेवेन्यू दोनों बढ़ने की संभावना है.

चुनौतियां कहां हैं?

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 1,200 पैसेंजर शिप प्रोजेक्ट में देरी हुई है और इसके लिए लिक्विडेटेड डैमेजेज का प्रावधान किया गया है. हालांकि, ग्राहक के साथ वैध कॉन्ट्रैक्ट होने के कारण आगे का डैमेज वित्तीय आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया.

बैलेंस शीट और फाइनेंशियल कंडीशन

    • नेटवर्थ: 5,67,180.15 लाख रुपए

 

    • डेट-इक्विटी रेश्यो: 0.03 (बेहद कम, जो मजबूत फाइनेंशियल कंडीशन को दिखाता है)

 

    • करंट रेश्यो: 1.32

 

    • क्रेडिट रेटिंग: AAA

 

    • डिबेंचर रिडेम्प्शन रिजर्व: 0, यानी कोई अतिरिक्त बोझ नहीं.

 

ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के पास कैश फ्लो और लिक्विडिटी दोनों मजबूत हैं.

खबर से जुड़े 5 FAQs

Q1: Cochin Shipyard का Q1FY26 प्रॉफिट कितना रहा?

A1: 187.82 करोड़ रुपए.

Q2: कंपनी का रेवेन्यू कितने प्रतिशत बढ़ा?

A2: सालाना आधार पर 38%.

Q3: सबसे ज्यादा रेवेन्यू किस सेगमेंट से आया?

A3: शिप रिपेयर बिजनेस से, 629.6 करोड़ रुपए.

Q4: कंपनी की क्रेडिट रेटिंग क्या है?

A4: AAA.

Q5: बड़े प्रोजेक्ट्स में हाल में क्या प्रगति हुई?

A5: इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी और न्यू ड्राई डॉक को कैपिटलाइज किया गया है.

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