Last Updated on अक्टूबर 26, 2024 13:41, अपराह्न by Pawan
Dhanteras 2024: धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली से पहले मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। हिंदू धर्म में इसे धन के देवता कुबेर, आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी को समर्पित किया जाता है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और झाड़ू खरीदते हैं, क्योंकि इसे शुभ माना जाता है। इस साल धनतेरस का त्योहार मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा, जो दिवाली के पांच दिनों के त्योहार की शुरुआत का संकेत है।
शुभ मुहूर्त और पूजा का समय धनतेरस के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:00 बजे से रात 8:49 बजे तक रहेगा। यह कुल 1 घंटा और 50 मिनट का समय होगा, जिसमें लोग भगवान कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा करेंगे। यम दीपम भी इसी दिन मनाया जाएगा, जो दीप जलाकर भगवान यम को समर्पित होता है।
प्रदोष काल: शाम 6:12 बजे से रात 8:53 बजे तक
वृषभ काल: शाम 7:00 बजे से रात 8:49 बजे तक
त्रयोदशी तिथि का आरंभ: 29 अक्टूबर को सुबह 1:01 बजे
त्रयोदशी तिथि का समापन: 30 अक्टूबर को सुबह 3:45 बजे
शहरवार धनत्रयोदशी का मुहूर्त (29 अक्टूबर 2024)
नई दिल्ली: 6:31 pm से 8:13 pm
मुंबई: 7:04 pm से 8:37 pm
पुणे: 7:01 pm से 8:33 pm
कोलकाता: 5:57 pm से 7:33 pm
बेंगलुरु: 6:55 pm से 8:22 pm
चेन्नई: 6:44 pm से 8:11 pm
धनतेरस का महत्त्व
धनतेरस का दिन मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है, जो घर में सुख-समृद्धि और धन का वास करती हैं। इसके साथ भगवान कुबेर की पूजा का भी विशेष महत्त्व है, जो धन और समृद्धि का प्रतीक हैं। यह पर्व दिवाली की तैयारियों की शुरुआत का संकेत देता है, जब लोग अपने घरों की सफाई कर उसे पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। धनतेरस का पर्व न केवल समृद्धि की पूजा का दिन है, बल्कि यह मन और आत्मा को शुद्ध करने का अवसर भी है।