Last Updated on अक्टूबर 17, 2025 11:52, पूर्वाह्न by Khushi Verma
हर साल दिवाली पर भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का सेशन रखा जाता है। यह सेशन निवेशकों के लिए शुभ अवसर माना जाता है और इसकी परंपरा कई सालों से चली आ रही है। वैसे तो दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग शाम को होती है, लेकिन इस साल यह दोपहर में रखी गई है। NSE और BSE पर 21 अक्टूबर 2025 को मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन की टाइमिंग दोपहर 1:45 बजे से लेकर 2:45 बजे तक यानि कि एक घंटे की है। इसके अलावा, दोपहर 1:30 से 1:45 तक प्री-ओपन सेशन भी रहेगा, जिससे ट्रेडर्स ट्रेडिंग के लिए तैयारी कर सकेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस स्पेशल सेशन को शाम से दोपहर में क्यों शिफ्ट किया गया। कहा जा रहा है कि शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग में बदलाव का कारण कार्तिक अमावस्या तिथि के खत्म होने का वक्त है। कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर को दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे खत्म होगी। दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को ही मनाई जाती है। इसलिए मुहूर्त ट्रेडिंग की नई टाइमिंग इसी तिथि के अनुरूप है।
कुछ जानकार देख रहे हैं अलग लॉजिक
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग को दोपहर में शिफ्ट किया जाना लंबे वक्त से चल रही मांग और कामकाज को आसान बनाने की पहल का भी असर है। ब्रोकिंग इंडस्ट्री एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशंस और डिपॉजिटरीज को इस सेशन की टाइमिंग्स दोपहर में शिफ्ट करने पर विचार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रही थी। ब्रोकर्स ने एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशंस को लिखे लेटर में मांग की थी कि या तो दिवाली स्पेशल सेशन को दोपहर में शिफ्ट किया जाए या मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन के लिए पोस्ट-ट्रेड कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स में ढील दी जाए।
यह बदलाव जरूरी पोस्ट-ट्रेड बैक-ऑफिस गतिविधियों के लिए जरूरी वक्त प्रदान करता है। ऐसा करने पर न केवल ब्रोकर्स के कर्मचारी, बल्कि स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशंस और अन्य के कर्मचारी भी दिवाली के त्योहार के अवसर पर अपने परिवारों के साथ रह सकते हैं। इस आइडिया पर सबसे पहले धन के को-फाउंडर, ब्रोकर जय प्रकाश गुप्ता ने चर्चा की थी और अन्य ब्रोकर्स ने इसका सपोर्ट किया था। गुप्ता के मुताबिक, 2023 में मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र रात 8 बजे से पहले खत्म हो गया था, लेकिन क्लियरिंग कॉरपोरेशंस से फाइलें मिलने में देरी के कारण उनके कर्मचारियों को रात 11 बजे तक ऑफिस में रहना पड़ा। इसी तरह का मसला अन्य ब्रोकर्स ने भी उठाया था।
दिवाली स्पेशल सेशन की टाइमिंग दोपहर में होना उन ट्रेडर्स के लिए भी भागीदारी को आसान बनाता है, जो शाम को दिवाली की रस्में निभाते हैं। साथ ही यह अनिवासी भारतीयों (NRI) और वैश्विक निवेशकों के लिए पहुंच को बेहतर बनाता है।
एक बार पहले भी दोपहर में थी मुहूर्त ट्रेडिंग
इससे पहले भी साल 2012 में एक बार मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन दोपहर 3:45 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच रखा गया था। उस वक्त भी यह शुभ समय को देखते हुए था। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सचेंज के एक अधिकारी का कहना है, “मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र को अंतिम रूप देने से पहले सिर्फ ब्रोकरों के अनुरोध पर ही नहीं, बल्कि शुभ मुहूर्त की टाइमिंग पर भी विचार किया गया। इस साल शुभ मुहूर्त दोपहर या रात 11 बजे का था। एक्सचेंजों के बीच विचार-विमर्श के बाद दोपहर का समय तय किया गया।” यह पूछे जाने पर कि क्या यह हर साल की सुविधा हो सकती है, अधिकारी ने कहा, “अगर सभी मार्केट पार्टिसिपेंट्स सहमत हों तो इस पर विचार किया जा सकता है।”
16 सालों में से 13 बार मुहूर्त ट्रेडिंग पर बाजार बढ़त में बंद
1 घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेशकों को इक्विटी, डेरिवेटिव, करेंसी और एसएलबी (Securities Lending and Borrowing) में ट्रेड करने का अवसर मिलेगा। पिछले 16 सालों में से 13 बार इस विशेष सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए हैं। 2024 की दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 335.06 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 79,724.12 के स्तर पर और निफ्टी 99 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 24,304.35 पर बंद हुआ था। निवेशक इस स्पेशल सेशन को अपने पोर्टफोलियो में समृद्धि और सफलता लाने के अवसर के रूप में देखते हैं।