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Experts views : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर, 22800 पर मजबूत सपोर्ट, 23200 पर तत्काल रेजिस्टेंस

Experts views : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर, 22800 पर मजबूत सपोर्ट, 23200 पर तत्काल रेजिस्टेंस

Market trend : 12 फरवरी को भारी उठापटक वाले कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 122.52 अंक या 0.16 फीसदी की गिरावट के साथ 76,171.08 पर और निफ्टी 26.55 अंक या 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 23,045.25 पर बंद हुआ। एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि दिन भर की भारी उठापटक के बाद निफ्टी लॉन्ग लेग्ड डोजी फॉर्मेशन के साथ बंद हुआ। निचले सिरे पर,इंडेक्स को पिछले स्विंग लो के ठीक ऊपर सपोर्ट मिला। जब तक 22,786 का पिछला लो निर्णायक रूप से टूट नहीं जाता,तब तक इस बात की संभावना है कि निफ्टी निकट भविष्य में 23,500-23,600 की ओर बढ़ सकता है। निफ्टी के लिए तत्काल रजिस्टेंस 23,200 पर है। जबकि तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का कहना है कि पिछले पांच सत्रों में तेज गिरावट के बाद,निफ्टी में बुधवार को भारी वोलैटिलिटी के साथ अच्छी रिकवरी देखने को मिली। कारोबार के अंत में निफ्टी 26 अंकों की हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। निगेटिव नोट के साथ खुलने के बाद सत्र के शुरुआती हिस्से में बाजार और भी कमजोर हो गया। फिर उसके बाद लगभग 22800 के निचले स्तरों से तेज इंट्राडे अपसाइड रिकवरी आई। डेली चार्ट पर स्मॉल अपर और लॉन्ग लोअर शैडो के साथ छोटी निगेटिव बॉडी वाली कैंडल का फॉर्मेशन हुआ है। तकनीकी रूप से, यह पैटर्न ‘लॉन्ग लेग्ड डोजी’ जैसा कैंडल पैटर्न (क्लॉसिक नहीं) के फॉर्मेशन का संकेत है। यह मार्केट एक्सशन निचले स्तर पर अनिर्णय का संकेत है। आम तौर पर, एक बड़ी गिरावट के बाद लॉन्ग लेग्ड डोजी पैटर्न जैसी संरचनाएं नीचे से तेजी आने का संकेत होती हैं।

निफ्टी का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है। लेकिन 22800 के सपोर्ट पर अच्छे पैटर्न के फॉर्मेशन से वर्तमान स्तरों या थोड़े निचले स्तरों से रिवर्सल पैटर्न की संभावना का संकेत दे रहा है। रिवर्सल पैटर्न की पुष्टि संभवतः बाजार में एक बड़ा उछाल ला सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22800 के स्तर पर है। वहीं, 23150-23200 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी में शॉर्ट टर्म में और तेजी आ सकती है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि एफआईआई द्वारा लगातार हो रही बिकवाली और मिलेजुले नतीजों के कारण बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है। अनिश्चित ग्लोबल संकेतों से दबाव और बढ़ गया है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी ने जनवरी के अपने निचले स्तर 22,800 को छूने के बाद वापसी की है। इस स्तर से ऊपर बने रहने से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, व्यापक रुझान नकारात्मक बना हुआ है। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए, ट्रेडरों को सावधानी बरतनी चाहिए और हेजिंग की रणनीति के साथ काम करना चाहिए।

प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि निफ्टी ने 22,800 के स्तर पर एक लॉन्ग लेग्ड डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया, जो बुल्स और बियर्स के बीच अनिर्णय का संकेत है। निफ्टी के लिए 22,800 पर एक मजबूत सपोर्ट है जबकि 23,200-23,240 के जोन में एक बड़ा रेजिस्टेंस दिख रहा है।

डिस्क्लेमर: stock market news पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को stock market news की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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