Last Updated on अप्रैल 29, 2025 11:43, पूर्वाह्न by
Gensol Engineering Shares: भारी दिक्कतों से जूझ रही जेनसॉल इंजीनियरिंग के शेयरों में बिकवाली का दबाव थम ही नहीं रहा है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के छापों ने इसे और तोड़ दिया। आज बीएसई पर यह 5 फीसदी टूटकर लोअर सर्किट पर आ गया। इस गिरावट के साथ रिकॉर्ड हाई से यह करीब 94 फीसदी नीचे आ चुका है यानी कि निवेशकों की रिकॉर्ड हाई से करीब 94 फीसदी पूंजी डूब चुकी है। फिलहाल बीएसई पर यह 5 फीसदी के लोअर सर्किट 82.20 रुपये पर है जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। पिछले साल 20 फरवरी 2024 को यह 1377.10 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर था।
ED के छापे पर Gensol Engineering का क्या कहना है?
जेनसॉल इंजीनियरिंग के अहमदाबाद और गुरुग्राम के परिसरों में 27 अप्रैल को ईडी ने तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। सोमवार को कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक ईडी इस सोलर और इलेक्ट्रिक वेईकल कंपनी पर अपनी जांच और तेज कर रही है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (FEMA) के तहत ईडी ने डॉक्यूमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स जब्त किए हैं।
जेनसॉल इंजीनयरिंग के खिलाफ फेमा और इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक को ऑर्डर्स जारी किए गए हैं। हालांकि इस ऑर्डर्स की खास डिटेल्स का खुलासा नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि ईडी की कार्रवाई का इस पर क्या वित्तीय असर होगा, इसके बारे में अभी कुछ कह नहीं सकते हैं। कंपनी के सीएफओ जबीर महेंदी एम आगा का कहना है कि ईडी की कार्रवाई को लेकर कानूनी विकल्पों पर गौर किया जा रहा है।
भारी दिक्कतों से जूझ रही है जेनसॉल इंजीनियरिंग
ईडी ने ऐसे समय में छापेमारी की है, जब बाजार नियामक सेबी ने 15 अप्रैल को कंपनी के प्रमोटर्स अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी को सिक्योरिटीज मार्केट में एंट्री पर रोक लगा दिया है। सेबी ने यह कार्रवाई फंड डाइवर्जन के आरोपों और कॉरपोरेट फेल्योर पर की है। सेबी की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने जो कर्ज लिया था, उसमें से कुछ पैसों का इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए किया गया था। इसके बाद ईडी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने भी आगे की जांच शुरू कर दी।