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Gold Prices: अगर ट्रंप अमेरिकी चुनाव जीते तो बढ़ सकती हैं सोने की कीमतें; जानें ट्रेड रणनीति

Last Updated on नवम्बर 7, 2024 13:04, अपराह्न by Pawan

डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड्स में हलचल:

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.30% की गिरावट देखी गई, जो 103.57 पर पहुंच गया है। वहीं, ISM सर्विस रिपोर्ट के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में तेजी आई। 10 साल के बॉन्ड यील्ड्स में 1.70% की बढ़त के साथ 4.358% पर दर्ज हुए, जबकि 2 साल के बॉन्ड यील्ड्स 1.50% की बढ़त के साथ 4.23% पर हैं।

डेटा अपडेट:

अमेरिका का ISM सर्विसेज इंडेक्स 56 पर रहा, जो पिछले महीने के 54.90 और अनुमानित 53.80 से अधिक है। इसके साथ ही, ISM प्राइस पेड इंडेक्स भी 58.10 पर दर्ज हुआ, जो पूर्वानुमान से ज्यादा है।

आगामी घटनाएं:

आज अमेरिकी आर्थिक डेटा, जैसे यूनिट लेबर कॉस्ट्स और साप्ताहिक बेरोजगारी के आंकड़े जारी होंगे। 7 नवंबर को फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति का फैसला करेगा, जिसमें ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की संभावना है। इसी दिन बैंक ऑफ इंग्लैंड भी अपनी दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है।

गोल्ड ईटीएफ की स्थिति:

दुनियाभर के गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स 11 नवंबर तक 83.857 मिलियन औंस पर थे, जो पिछले हफ्ते के 83.969 मिलियन औंस से थोड़ा कम हैं। अक्टूबर में अमेरिकी मिंट द्वारा 25,000 औंस अमेरिकी ईगल गोल्ड कॉइन बेचे गए, जो सितंबर के 27,000 औंस से कम हैं।

सोने की कीमतों का अनुमान:

चुनाव के नतीजों में देरी से सोने को मजबूती मिल सकती है, लेकिन जल्दी नतीजे आने से सोने पर दबाव बन सकता है। अगर डोनाल्ड ट्रंप जीतते हैं, तो चीन-अमेरिका के बीच व्यापार तनाव बढ़ सकता है, जो सोने के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही, अमेरिका के बढ़ते घाटे और अन्य आर्थिक मुद्दों के कारण भी सोने की मांग में इजाफा हो सकता है।

वहीं, कमला हैरिस के जीतने पर सोने पर दबाव बन सकता है, क्योंकि उनकी नीतियों के कारण आर्थिक स्थिरता की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, चुनाव नतीजों के दौरान सोने में भारी उतार-चढ़ाव हो सकता है। मीडियम और लॉन्ग टर्म में सोने के पॉजिटिव बने रहने की संभावना है। सोने के प्रमुख सपोर्ट स्तर $2,700 (₹77,400), $2,685 (₹77,000), और $2,600 (₹74,500) पर हैं, जबकि रेजिस्टेंस स्तर $2,760 (₹79,100), $2,800 (₹80,200), और $2,850 (₹81,700) पर हैं।

(डिस्क्लेमर: प्रवीण सिंह, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, फंडामेंटल करंसीज और कमोडिटीज, शेयरखान बाय बीएनपी परिबास के ये अपने निजी विचार हैं।)

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