Last Updated on दिसम्बर 30, 2025 11:07, पूर्वाह्न by Pawan
Gujarat Kidney IPO Listings: गुजरात किडनी एंड सुपर स्पेशियलिटी लिमिटेड के शेयर मंगलवार 30 दिसंबर को अपने आईपीओ प्राइस से करीब 6 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी आईपीओ निवेशकों को इस शेयर की लिस्टिंग पर करीब 6 प्रतिशत का मुनाफा मिला। यह इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) पिछले हफ्ते 22 से 24 दिसंबर के बीच बोली के लिए खुला था और इसे कुल 5.21 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी के शेयर 120 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो कि आईपीओ के 114 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले 5.26 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इसके शेयरों की लिस्टिंग 120.75 रुपये पर हुई, जो लगभग 5.92 प्रतिशत का प्रीमियम दिखाता है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब ₹952 करोड़ रहा।
दिलचस्प बात यह रही कि ग्रे मार्केट में इस इश्यू को लेकर फ्लैट लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन शेयर ने उससे बेहतर प्रदर्शन किया और निवेशकों को शुरुआती मुनाफा दिया।
कंपनी ने बताया कि वह आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अहमदाबाद के परेख्स हॉस्पिटल के प्रस्तावित अधिग्रहण और अश्विनी मेडिकल सेंटर की खरीद के लिए करेगी।
अब क्या करें निवेशक? खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
हॉस्पिटल सेक्टर के आउटलुक पर बात करते हुए Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि भारत का हॉस्पिटल इंडस्ट्री स्ट्रक्चरल ग्रोथ के मजबूत दौर में है, जिसे बढ़ती हेल्थकेयर जरूरतों और सरकारी पहलों से समर्थन मिल रहा है।
उनके मुताबिक, देश का हॉस्पिटल सेक्टर FY2016 में लगभग ₹2,400 अरब का था, जो FY2024 तक बढ़कर ₹6,496 अरब पहुंच गया और FY2026 तक इसके करीब ₹8,200 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं से अस्पतालों की ऑक्यूपेंसी में सुधार की उम्मीद है, जबकि सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और नए AIIMS संस्थानों में निवेश से सेक्टर की लॉन्ग-टर्म संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।
रवि सिंह ने कहा कि Gujarat Kidney And Super Speciality की मौजूदगी कई शहरों में है और यह इंटीग्रेटेड डायग्नॉस्टिक्स व फार्मेसी सर्विसेज के साथ अंडर-पेनेट्रेटेड इलाकों में किफायती इलाज पर फोकस कर रही है। इससे कंपनी को बढ़ती हेल्थकेयर डिमांड का सीधा फायदा मिल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए अस्पतालों के बीच बेहतर इंटीग्रेशन, आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, उपकरण और स्पेशलाइज्ड टैलेंट में निवेश पर जोर दे रही है। ऐसे में यह आईपीओ लॉन्ग-टर्म निवेश के नजरिए से आकर्षक हो सकता है।
डिस्क्लेमरः एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।