Last Updated on दिसम्बर 13, 2025 7:57, पूर्वाह्न by Pawan
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (आईसीआईसीआई प्रू एएमसी) का आईपीओ 12 दिसंबर को खुल गया है। यह इश्यू सिर्फ ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के लिए है। ओएफएस के जरिए प्रूडेंशियल कॉर्पोरेशन अपने शेयर बेचेगी। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी में आईसीआईसीआई बैंक की 51 फीसदी हिस्सेदारी है। प्री-आईपीओ राउंड में पार्टिसिपेट करने से आईसीआईसीआई प्रू एएमसी में आईसीआईसीआई बैंक की हिस्सेदारी 2 फीसदी बढ़ जाएगी।
आईसीआईसीआई प्रू एएमसी का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री नई ऊंचाई छू रही है। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी भारत की दूसरी सबसे बड़ी एएमसी है। चूंकि कंपनी ने आईपीओ में शेयरों की कीमत लिस्टेड प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम रखी है, जिससे इनवेस्टर्स लंबी अवधि में अच्छे मुनाफे की उम्मीद कर सकते हैं।
भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 30 नवंबर, 2025 को बढ़कर 80.80 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह 30 नवंबर, 2015 को 12.95 लाख करोड़ रुपये था। इसके बावजूद अभी देश में म्यूचुअल फंड का पेनेट्रेशन यानी एयूए और जीडीपी का रेशियो सिर्फ 20 फीसदी है, जबकि दुनिया में इसका औसत 64 फीसदी है।
इंडिया में सितंबर 2025 में 49 म्यूचुअल फंड हाउसेज थे। लेकिन, बैंकों की अगुवाई वाली तीन बड़ी एएमसी कंपनियों का बाजार के बड़े हिस्से पर कब्जा है। इनका ज्वाइंट मार्केट शेयर FY22 से करीब 40 फीसदी बना हुआ है। आईसीआईसीआई प्रू एएमसी का एयूएम 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। FY26 की पहली छमाही में इसकी बाजार हिस्सेदारी 13.2 फीसदी थी। कंपनी सबसे ज्यादा स्कीम मैनेज करती है। इसकी कुल 143 स्कीम हैं।
आईसीआईसीआई प्रू एएमसी के कुल फंड्स में इक्विटी और इक्विटी आधारित फंड्स की हिस्सेदारी 55.8 फीसदी है। इंडस्ट्री का रेशियो 54.2 फीसदी है। इक्विटी एसेट्स से डेट फंड्स के मुकाबले ज्यादा मैनेजमेंट फीस (TER) जेनरेट होती है। इक्विटी फंड की ज्यादा हिस्सेदारी की वजह से इसका इनवेस्टर बेस भी बड़ा है। कंपनी की सिप बुक FY23-25 के बीच 29 फीसदी सीएजीआर से बढ़ी है। सितंबर 2025 में कंपनी के पास सिप से मंथली 4,800 करोड़ रुपये आ रहा था।
कंपनी म्यूचुअल फंड बिजनेस के अलावा पीएमएस, एआईएफ और एडवायजरी सर्विसेज (ऑफशोर क्लाइंट्स) में भी है। इसका स्पेशियलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड्स (SIF) लॉन्च करने का भी प्लान है। यह कंपनी कई मामलों में प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से आगे है। पिछले तीन साल में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 70 फीसदी से ज्यादा रहा है। भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की तेज ग्रोथ जारी रहने की संभावना है। पैसिव फंड्स की फीस एक्टिव फंड्स के मुकाबले काफी कम है। इंडस्ट्री के कुल एयूएम में पैसिव फंड्स की हिस्सेदारी नवंबर 2022 से करीब 16 फीसदी बनी हुई है।
आईसीआईसीआई प्रू एएमसी की वैल्यूएशन पी/ई मल्टीपल के लिहाज से एचडीएफसी एएमसी के मुकाबले 13-15 फीसदी कम है। आईसीसीआईसी प्रू की प्रॉफिट कमाने की क्षमता भी बेहतर है। FY25 में आईसीआईसीआई प्रू एएमसी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट बिफोर टैक्स (OPT) 3,236 करोड़ रुपये था। यह एचडीएफसी एएमसी के मुकाबले 19 फीसदी ज्यादा है। इनवेस्टर्स लंबी अवधि के साथ ही लिस्टिंग गेंस के लिए इस इश्यू में निवेश कर सकते है। कंपनी ने शेयर के लिए प्राइस बैंड 2,061-2,165 रुपये रखा है।