Last Updated on दिसम्बर 29, 2025 16:45, अपराह्न by Khushi Verma
Stock Market : भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स सोमवार, 29 दिसंबर को गिरावट के साथ बंद हुए। कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और दिशा देने वाले किसी भी ट्रिगर की कमी ने सेंटिमेंटकमजोर किया। इससे आने वाले समय में कंसोलिडेशन जारी रहने का संकेत मिलता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से भी मार्केट के मूड पर असर पड़ा है। तीन सेशन को छोड़कर, इस पूरे महीने FIIs नेट सेलर बने रहे हैं। आज BSE का बेंचमार्क सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरा और 345.91 अंक या 0.41% गिरकर 84,695.54 पर बंद हुआ। वहीं, NSE का निफ्टी भी आज 100.20 अंक या 0.38% गिरकर 25,942.10 पर बंद हुआ। बाजार में लगातार तीसरे दिन इसमें गिरावट जारी रही। ब्रॉडर मार्केट में आई गिरावट ज़्यादा गहरी थी। BSE मिडकैप इंडेक्स 0.45% गिरा और BSE स्मॉलकैप में 0.50% की गिरावट आई।
हिंदुस्तान कॉपर, हिंदुस्तान जिंक, वेदांता, सिटी यूनियन बैंक, MCX इंडिया, टाइटन कंपनी, NALCO, NMDC, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स, क्राफ्ट्समैन समेत 100 से ज़्यादा शेयरों ने 52-हफ़्ते का हाई छुआ। दूसरी ओर, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, PCBL केमिकल्स, क्लीन साइंस, ACC, हैपिएस्ट माइंड्स, कोलगेट पामोलिव, पॉली मेडिक्योर, वेदांत फैशन सहित 180 से ज़्यादा शेयरों ने अपने 52-हफ़्ते का लो हिट किया।
BSE मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई। टाटा स्टील, टाटा कंज्यूमर, एशियन पेंट्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, नेस्ले इंडिया निफ्टी पर प्रमुख गेनर रहे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, अदानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड कॉर्प, ट्रेंट और मैक्स हेल्थकेयर निफ्टी के टॉप लूजर रहे। सेक्टोरल इंडेक्सों के बात करें तो मीडिया को छोड़कर, बाकी सभी इंडेक्स निचले स्तर पर बंद हुए। ऑटो, IT, फार्मा, रियल्टी, पावर में 0.4-0.9 प्रतिशत की गिरावट आई।
30 दिसंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे का कहना है कि आज के सेशन के दौरान इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग दिखी। जिससे मार्केट में गिरावट आई। डेरिवेटिव्स की बात करें तो, 26,000 PE पुट राइटर्स ने अपनी पोजीशन काट ली क्योंकि इंडेक्स इस लेवल से नीचे फिसल गया। जैसे ही इंडेक्स 21 EMA से नीचे गया, ट्रेंड कमजोर हो गया। इसके अलावा, इसने पिछली बढ़त का 50 फीसदी से ज़्यादा रिट्रेस किया है, जिससे हालिया रैली के टिके रहने पर शक पैदा हो गया है। निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 25,900 पर सपोर्ट है। जबकि ऊपर की तरफ, 26,000 का लेवल शुरुआती रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक निफ्टी अपने 20-डे के सिंपल मूविंग एवरेज के करीब ट्रेड कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक शुरुआती पुलबैक की उम्मीद है। लेकिन मजबूती की पुष्टि के लिए निफ्टी को 26,127–26,150 से ऊपर जाने की ज़रूरत है। अगर यह 26,050–26,077 से ऊपर नहीं टिक पाता है,तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह 25,935–25,850 तक गिर सकता है। शायद यह गिरावट 25,740–25,650 तक भी बढ़ सकती है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुक्रवार की गिरावट को जारी रखते हुए लगभग 0.4% फिसल गया। धीमी शुरुआत के बाद, निफ्टी पूरे सेशन में धीरे-धीरे नीचे गिरता गया और आखिरकार दिन के निचले स्तर 25,942.10 पर बंद हुआ। सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक बेंचमार्क जैसा ही रहा, ज़्यादातर इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। IT, रियल्टी और ऑटो सबसे ज़्यादा गिरने वाले सेक्टर में से थे, जबकि ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में आ गए और 0.6% से 0.8% की रेंज में गिरे।
बाजार के सेंटिमेंट ग्लोबल संकेतों और स्टॉक-स्पेसिफिक डेवलपमेंट्स का असर दिख रहा है। आज ट्रेडिंग वॉल्यूम हल्का रहा। किसी बड़े ट्रिगर की गैर-मौजूदगी में पार्टिसिपेंट्स ने ब्रॉड-बेस्ड पोजीशन के बजाय सेलेक्टिव एक्सपोजर को प्राथमिकता देते दिखे। निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि मंथली एक्सपायरी के कारण इंट्राडे में कुछ वोलैटिलिटी रहा सकती है। इसके बावजूद, सभी सेक्टर्स में ट्रेडिंग के मौके उपलब्ध हैं। ट्रेडर्स को सलाह है कि वे सेलेक्टिव रहें,उन सेक्टर्स में ट्रेड करें जिनमें रिलेटिवली ज़्यादा मज़बूती दिख रही है और जब तक कोई साफ़ ट्रेंड सामने नहीं आता, तब तक पोजीशन साइज़ को कंट्रोल में रखें