Last Updated on दिसम्बर 27, 2025 16:49, अपराह्न by Khushi Verma
Market this week:भारतीय इक्विटी बाज़ारों में 2025 के आखिरी छोटे हफ़्ते (22-26 दिसंबर) में छुट्टियों के मूड में ट्रेडिंग हुई, लेकिन FIIs की लगातार बिकवाली, कमज़ोर रुपये और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता के कारण आखिरकार बाज़ार सपाट बंद हुए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक संभालने में मदद की। BSE का सेंसेक्स 112.09 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 85041.45 पर पहुंच गया। जबकि निफ्टी50 इंडेक्स 75.09 अंक या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 26,042.30 पर पहुंच गया।
BSE लार्ज-कैप इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त
BSE लार्ज-कैप इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन में 17 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई, जबकि हिंदुस्तान जिंक, श्रीराम फाइनेंस, मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स, ट्रेंट, REC में 5-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, नुकसान में रहने वाले शेयर थे स्विगी, सीमेंस एनर्जी इंडिया, LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, LTIMindtree, हीरो मोटोकॉर्प, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और CG पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस।
BSE मिड-कैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत बढ़ा
BSE मिड-कैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें रेल विकास निगम 21.5 प्रतिशत और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी 10 फीसदी बढ़े, जबकि NMDC, भारत डायनेमिक्स, डालमिया भारत, कोचीन शिपयार्ड, कंसई नेरोलैक पेंट्स, जिलेट इंडिया में 6-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, कोफोर्ज, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एजिस वोपाक टर्मिनल्स, हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, एंड्योरेंस टेक्नोलॉजीज में 5-9 प्रतिशत की गिरावट आई।
BSE स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी
BSE स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसमें KR रेल इंजीनियरिंग, जुपिटर वैगन्स, सैस्केन टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान कॉपर, KNR कंस्ट्रक्शंस, स्टील एक्सचेंज इंडिया, सेन्सिस टेक, कोठारी इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, डेक्कन गोल्ड माइंस के शेयर 21-34 प्रतिशत बढ़े, जबकि लॉयड्स एंटरप्राइजेज, शॉपर्स स्टॉप, इकोस इंडिया मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, एम्बेसी डेवलपमेंट्स, इंडो थाई सिक्योरिटीज, एपिग्रल, सिग्निटी टेक्नोलॉजीज के शेयरों में गिरावट आई।
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट, HDFC बैंक का मार्केट कैप सबसे ज्यादा बढ़ा
इस हफ़्ते,मार्केट वैल्यू के मामले में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को सबसे ज़्यादा नुकसान में रहा। उसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़, बजाज फाइनेंस का नंबर रहा। दूसरी ओर HDFC बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट के मार्केट-कैप में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी रही। (डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है,जिसका एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ है।)
सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर
अलग-अलग सेक्टरों में, निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा, निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.7 प्रतिशत ऊपर गया, निफ्टी मीडिया में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई। हालांकि, निफ्टी PSU बैंक में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी IT और निफ्टी फार्मा में 0.3% की गिरावट आई।
FIIs की बिकवाली रही जारी
2025 के छोटे आखिरी हफ़्ते में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय इक्विटी मार्केट में अपनी बिकवाली जारी रखी और 4,290.96 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं दूसरी तरफ,डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) नेट खरीदार बने रहे और 12,024.49 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को ज़रूरी सपोर्ट दिया।
रुपए में रही कमजोरी
भारतीय रुपया एक वोलेटाइल दायरे में ट्रेड हुआ और आखिरकार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर बंद हुआ। 26 दिसंबर, 2025 को रुपया 89.85 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ,जो 19 दिसंबर, 2025 की 89.65 रुपए के क्लोजिंग लेवल से 20 पैसे नीचे था