Last Updated on अप्रैल 28, 2025 15:46, अपराह्न by
Maruti share price : ऑटो कंपनियों में अब तक सिर्फ मारुति के नतीजे आए हैं। नतीजों के बाद मारुति के मैनजेमेंट की कमेंट्री बाजार को पसंद नहीं आई है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि आगे की राह आसान नहीं है। डिमांड को लेकर कंपनी को चिंता है। फिलहाल ये शेयर 114.10 रुपए यानी 0.98 फीसदी की तेजी के साथ 11800 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज की इसका दिन का लो 11,332.05 रुपए है। वहीं, दिन का हाई 11,898.35 रुपए है।
मारुति : आगे की राह मुश्किल!
SIAM का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 के 3-4 फीसदी के मुकाबले वित्त वर्ष 2026 में घरेलू ग्रोथ 1-12 फीसदी संभव है। एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से ग्रोथ को रफ्तार मिल सकती है। वित्त वर्ष 2025 के 17 फीसदी के मुकाबले वित्त वर्ष 2026 में एक्सपोर्ट ग्रोथ 20 फीसदी संभव है।
मारुति की एंट्री लेवल कार की बिक्री सरदर्द बनी हुई है। 5 साल से ज्यादा समय से इसकी बिक्री गिर रही है। 2018-19 के मुकाबले एंट्री लेवल सेगमेंट की बिक्री 10 फीसदी कम हुई है। देश में 20-30 करोड़ घरों की आय 5 लाख रुपए से कम है। अगले 30 फीसदी घरों की आय 5-12 लाख रुपए के बीच है। सिर्फ 12 फीसदी घरों की आय 12 लाख रुपए से ज्यादा है। कार कीमतें बढ़ने से कम आय वाले बाजार से बाहर निकले हैं। रेगुलेटरी बदलाव और कमोडिटी कीमतें बढ़ने से कारें महंगी हुईं हैं।
ऑटो: डिमांड क्यों कमजोर?
मार्केट एक्पर्ट्स का कहना है कि टैक्स कटौती से एंट्री लेवल कार की डिमांड नहीं बढ़ेगी। इसके लिए GST दरों को और तर्कसंगतता बनाने की जरूरत है। इस बीच मारुति के चेयरमैन आर सी भार्गव ने वित्त वर्ष 2026 को लेकर चिंता जाहिर की है। आर सी भार्गव के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में वॉल्यूम ग्रोथ 1-2 फीसदी रहना संभव है। जो भी सहारा मिलने की उम्मीद है वो सिर्फ एक्सपोर्ट के भरोसे है। स्मॉल कार सेगमेंट में डी-ग्रोथ हो रही है। आर सी भार्गव ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2026 में इंडस्ट्री की वॉल्यूम ग्रोथ 1-2 फीसदी रहनी संभव है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के एक्सपोर्ट में 20 फीसदी तक की ग्रोथ संभव है। वित्त वर्ष 2026 में एक्सपोर्ट बढ़ने से नतीजों में फायदा होगा।