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Meesho IPO GMP: मीशो के ग्रे मार्केट प्रीमियम में उछाल, क्या आपको इस आईपीओ में इनवेस्ट करना चाहिए?

Meesho IPO GMP: मीशो के ग्रे मार्केट प्रीमियम में उछाल, क्या आपको इस आईपीओ में इनवेस्ट करना चाहिए?

Last Updated on नवम्बर 28, 2025 19:05, अपराह्न by Pawan

मीशो का आईपीओ 3 नवंबर को आएगा। कंपनी का यह आईपीओ 5,421 करोड़ रुपये का है। कंपनी के प्राइस बैंड तय करने के बाद इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम में करीब 26 फीसदी उछाल आया है। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 105-111 रुपये प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के अपर लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन 50,096 करोड़ रुपये आती है।

26 फीसदी लिस्टिंग गेंस की उम्मीद

अनऑफिशियल मार्केट एक्टिविटी को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, मीशो के शेयर पर 26 फीसदी जीएमपी चल रहा है। इनवेस्टरगेन ने 29 रुपये प्रीमियम बताया है। इसका मतलब है कि इस शेयर से 26.13 फीसदी लिस्टिंग गेंस हो सकता है। आईपीओ वॉच ने करीब 30 फीसदी जीएमपी का संकेत दिया है।

5 दिसंबर तक लगा सकते हैं बोली

मीशो के आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स 5 दिसंबर तक बोली लगा सकते हैं। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 2 दिसंबर को खुल जाएगा। मीशो आईपीओ से आने वाले पैसे का इस्तेमाल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, मार्केटिंग एंड ब्रांड एनिशिएटिव और इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए करेगी। वह कुछ पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए भी करेगी।

ब्रोकरेज फर्म की राय

फंड्सइंडिया ने मीशो के आईपीओ में इनवेस्ट करने की सलाह दी है। उसने कहा है कि कंपनी की यूजर ग्रोथ अच्छी है। हालांकि, यह अब भी लॉस में है। प्लेस्ड ऑर्डर्स और एनुअल ट्रांजेक्टिंग यूजर्स के लिहाज से मीशो इंडिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। टियर-2 और टियर-3 मार्केट्स में इसकी अच्छी पैठ है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि मीशो के जीरो कमीशन, एसेट-लाइट मार्केटप्लेस मॉडल का इसमें बड़ा हाथ है। इसे लॉजिस्टिक्स, एडवर्टाइजिंग और डेटा आधारित टूल्स से कमाई होती है।

10 दिसंबर को लिस्टिंग

FY25 में मीशो के प्लेटफॉर्म से 5 लाख ट्रांजेक्टिंग सेलर्स जुड़े रहे। एनुअल ट्रांजेक्टिंग यूजर्स की संख्या 19.9 करोड़ रही। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू साल दर साल आधार पर 29 फीसदी बढ़कर 29,988 करोड़ रुपये रही। मीशो के शेयरों का एलॉटमेंट 8 दिसंबर को होने की उम्मीद है। 10 दिसंबर को शेयर स्टॉक मार्केट्स में लिस्ट हो सकते हैं।

सितंबर छमाही में लॉस घटा

इस साल अप्रैल से सितंबर के दौरान मीशो का लॉस घटकर 700.7 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 2,512.9 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। इस साल अप्रैल से सितंबर के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 29.4 फीसदी बढ़कर 5,577.5 करोड़ रुपये रहा।

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