Last Updated on दिसम्बर 30, 2025 8:01, पूर्वाह्न by Khushi Verma
Nifty Outlook: पिछले हफ्ते मंगलवार और बुधवार को निफ्टी 26,200 के ऊपर टिक नहीं सका। इसके बाद से इंडेक्स में लगातार हल्की-हल्की कमजोरी देखने को मिल रही है। पहले निफ्टी 20-DMA के नीचे फिसला और सोमवार को 26,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर भी नहीं बच पाया। यह 100 अंक गिरकर 25,942 पर बंद हुआ।
अब मंगलवार, 30 दिसंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, उसे पहले जान लेते हैं कि सोमवार को बाजार में क्या खास हुआ और अब किन फैक्टर पर नजर रहेगी।
दो महीने से एक ही रेंज में फंसा बाजार
यह बात साफ है कि निफ्टी अब भी 25,700 से 26,200 की चौड़ी रेंज में ही घूम रहा है। पिछले करीब दो महीनों से इंडेक्स इसी दायरे में अटका हुआ है।
हर बार जब निफ्टी 25,700 के आसपास आता है, वहां खरीदारी देखने को मिलती है। वहीं, जैसे ही यह 26,200-26,300 के करीब पहुंचता है, बिकवाली शुरू हो जाती है। यानी बाजार में फिलहाल साफ ट्रेंड की कमी है और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग चल रही है।
2025 की आखिरी एक्सपायरी
मंगलवार 2025 की आखिरी मंथली NSE एक्सपायरी है, बल्कि यह पूरे साल की आखिरी एक्सपायरी भी है। साल के आखिरी कारोबारी दिन नजदीक आने के कारण बाजार में भागीदारी और कम हो सकती है।
इसके अलावा जनवरी सीरीज की शुरुआत से F&O सेगमेंट में बदलाव होंगे। चार स्टॉक्स बाहर होंगे और चार नए स्टॉक्स शामिल किए जाएंगे। पोजिशन स्क्वेयर-ऑफ, कवरिंग और अनवाइंडिंग की वजह से मंगलवार के सत्र में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
छोटे दायरे में टेक्निकल कमजोरी के संकेत
अगर 11 दिसंबर के लो 25,693 से लेकर पिछले बुधवार के हाई 26,236 की छोटी रेंज को देखें, तो निफ्टी इस दायरे के 38.2% और 50% रिट्रेसमेंट लेवल्स के नीचे बंद हो चुका है। अब इस हालिया तेजी का अगला अहम सपोर्ट 61.8% रिट्रेसमेंट यानी करीब 25,904 के आसपास बनता है।
बड़े दायरे में 25,821 अहम स्तर
अगर नवंबर 7 के लो 25,318 से लेकर निफ्टी के हालिया रिकॉर्ड हाई 26,325 का बड़ा दायरा देखें, तो इसका 50% रिट्रेसमेंट करीब 25,821 आता है। कई टेक्निकल एनालिस्ट मान रहे हैं कि नई मजबूत खरीदारी आने से पहले निफ्टी इस स्तर तक फिसल सकता है।
26,000-26,200 बड़ी रुकावट
तेजी की बात करें तो 26,000 का स्तर अब निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस बन गया है। इसके ऊपर 26,200 का स्तर अगली अहम बाधा रहेगा। जब तक निफ्टी इस रेंज से साफ ब्रेकआउट नहीं देता, तब तक बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना ज्यादा है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
Angel One के ओशो कृष्णन के मुताबिक, निफ्टी के लिए 25,900-25,850 का जोन फिलहाल तुरंत सपोर्ट बना हुआ है। अगर बाजार पर और दबाव बढ़ता है, तो 25,700 का स्तर बेहद अहम रहेगा, क्योंकि इसी के ऊपर निफ्टी की निकट अवधि की तेजी टिकी हुई है।
ऊपर की तरफ देखें तो 26,100-26,150 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका कहना है कि ट्रेडर्स को इन लेवल्स पर नजर रखते हुए ही ट्रेडिंग की रणनीति बनानी चाहिए।
निफ्टी का मोमेंटम कमजोर
Choice Broking की अमृता शिंदे का कहना है कि मौजूदा प्राइस एक्शन साफ दिखाता है कि ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। बाजार में आगे की खरीदारी की ताकत फिलहाल कमजोर नजर आ रही है, जिससे शॉर्ट टर्म में थकान और कमजोर मोमेंटम के संकेत मिलते हैं।
शिंदे के मुताबिक 26,050-26,100 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 25,800-25,850 के बीच सपोर्ट दिखाई दे रहा है। 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसलने के बाद फिलहाल सावधानी के साथ ट्रेड करने, पूंजी की सुरक्षा रखने और सख्त स्टॉप-लॉस अपनाने की जरूरत है।
निफ्टी बैंक का हाल
निफ्टी बैंक को 59,000 का स्तर बचाए रखना था, लेकिन इंडेक्स इसमें नाकाम रहा। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से निफ्टी बैंक ने 100 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की, जिससे निफ्टी पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ा। सबसे अहम बात यह रही कि निफ्टी बैंक ने 58,980 का स्तर बचा लिया, जो हालिया तेजी का 38.2% रिट्रेसमेंट लेवल भी है।
निफ्टी बैंक के अहम लेवल
अगर निफ्टी बैंक 58,980 के नीचे जाता है, तो अगला अहम सपोर्ट 58,800 के पास देखा जा रहा है। इस स्तर के भी टूटने पर इंडेक्स 58,500 तक फिसल सकता है।
SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, आगे चलकर 58,600-58,500 का 50-DEMA जोन निफ्टी बैंक के लिए तुरंत सपोर्ट का काम करेगा। अगर यह जोन भी नहीं बचा, तो शॉर्ट टर्म में इंडेक्स 58,000 तक भी जा सकता है। ऊपर की तरफ 59,100-59,200 का स्तर निफ्टी बैंक के लिए बड़ी रुकावट बना रहेगा।
कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव
इंडेक्स के अलावा बाजार में चर्चा अब भी कीमती धातुओं की तेज उठापटक को लेकर बनी हुई है। MCX पर चांदी ने ₹2.5 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर के बाद तेज करेक्शन देखा।
कीमती धातुओं में आई इस हलचल का असर मेटल शेयरों पर भी साफ दिखा। हिंदुस्तान कॉपर दिन के हाई से करीब 10% नीचे आ गया, हालांकि अंत में यह फ्लैट से ऊपर बंद होने में सफल रहा। वहीं हिंदुस्तान जिंक की चार दिन से चली आ रही तेजी टूट गई और शेयर में कमजोरी देखने को मिली।