Last Updated on अक्टूबर 11, 2025 9:50, पूर्वाह्न by Khushi Verma
NSB BPO Solutions IPO Listing: एनएसबी बीपीओ सॉल्यूशंस के शेयरों की आज BSE SME पर फीकी एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू महज 76% सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपीओ के तहत ₹121.00 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹121.45 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को महज 0.37% लिस्टिंग गेन (NSB BPO Solutions Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर थोड़ा ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹122.20 (NSB BPO Solutions Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.99% मुनाफे में हैं।
NSB BPO Solutions IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एनएसबी बीपीओ सॉल्यूशंस का ₹74.20 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23 सितंबर से 7 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और यह इश्यू पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू 0.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 25.49 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.79 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.21 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹25.82 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹13.38 करोड़ नए प्रोजेक्ट के कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹9.02 करोड़ मौजूदा बिजनेसेज के वर्किंग कैपिटल की अतिरिक्त जरूरतों, ₹20.00 करोड़ नए प्रोजेक्ट के लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
NSB BPO Solutions के बारे में
वर्ष 2005 में बनी एनएसबी बीपीओ सॉल्यूशंस एक बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) कंपनी है। यह कस्टमर केयर, टेलीसेल्स, टेली-कलेक्शंस, डॉक्यूमेंट डिजिटाइजेशन, एप्लीकेशन प्रोसेसिंग, केवाईसी फॉर्म प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, अर्काइवल और पेरोल मैनेजमेंट जैसी सपोर्ट सर्विसेज देती है। यह टेलीकॉम, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, ई-रिटेल, फूड डिलीवरी, हॉस्पिटैलिटी, गवर्नमेंट, हेल्थकेयर और एडुकेशन सेक्टर्स के लिए काम करती है। बीपीओ सर्विसेज के अलावा कंपनी एफएमसीजी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ दाल, चीनी, चावल, मेवे, फल और सब्जियों इत्यादि की बिक्री भी करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹2.21 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹6.73 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹11.05 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी। वित्त वर्ष 2023 में यह ₹285.15 करोड़ से फिसलकर वित्त वर्ष 2024 में ₹128.27 करोड़ पर आ गई लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2025 में हल्का-सा रिकवर होकर ₹138.54 करोड़ पर पहुंच गई।
इस दौरान कंपनी पर कर्ज वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में ₹41.07 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 के आखिरी में ₹27.72 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 के आखिरी में ₹23.56 करोड़ पर आ गया। इस दौरान रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 के आखिरी में यह ₹102.20 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 के आखिरी में ₹93.99 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 के आखिरी में ₹124.85 करोड़ पर पहुंच गया।