Last Updated on दिसम्बर 27, 2025 20:12, अपराह्न by Pawan
Pakistan migration data: पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कुछ समय पहले अमेरिका यात्रों के दौरान विदेश में बसने वाले पाकिस्तानियों को अपने देश का नगीना बताया था। उन्होंने ‘ब्रेन ड्रेन’ की सोच के उलट इन पाकिस्तानियों को ‘ब्रेन गेन’ की सोच से जोड़ा था। मगर पड़ोसी देश के प्रवासन आंकड़े सेना प्रमुख की सोच का साथ देते नजर नहीं आ रहे हैं। इन आंकड़ों की मानें तो पाकिस्तान के अपने ही लोग उसे सबसे ज्यादा और गहरी चोट दे रहे हैं। प्रवासन आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो साल में बड़ी संख्या में डॉक्टर-इंजीनियर और अकाउंटेंट जैसे पेशेवरों ने देश छोड़ा है।
पलायन का आंकड़ा बढ़ा
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन एंड ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट (BE&OE) के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 के दौरान लगभग 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट पाकिस्तान छोड़कर चले गए हैं। पिछले कुछ साल में विदेश में रोजगार के लिए कुल रजिस्ट्रेशन की संख्या में बाढ़ आई है। लगभग 727,381 पाकिस्तानियों ने 2024 में विदेश में काम करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। जबकि, 2025 में, नवंबर तक रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 687,246 को पार कर गया था। पेशेवरों के पलायन से हेल्थकेयर सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, 2011 से 2024 के बीच पाकिस्तान से नर्सों के पलायन में 2,144% की वृद्धि हुई है। इसका सबसे खराब असर पहले से ही दबाव झेल रहे पाकिस्तान का पब्लिक हेल्थ सिस्टम चरमरा गया है। यही नहीं पाकिस्तान का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। 2024 में इंटरनेट बंद होने के कारण 1.62 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे 2.37 मिलियन से अधिक फ्रीलांसिंग नौकरियां खतरे में पड़ गईं।
These are the official numbers of Pakistanis leaving Pakistan. Do look at the number in the Highly Qualified, Highly Skilled and Skilled columns since 2022. According to Field Martial Asim Munir this is “Brain Gain”. There is a reason Interior Minister Mohsin Naqvi going to… pic.twitter.com/4DaUiIb3rx
— Ahmed Ali Khan (@ahmedalikhan01) December 14, 2025
ब्रेन ड्रेन इकोनॉमी बनने की राह पर पाकिस्तान
ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान को ‘ब्रेन ड्रेन इकोनॉमी’ बताया गया है, जो विकास और संस्थानों के पुनर्निर्माण के लिए जरूरी टैलेंट को ही एक्सपोर्ट करने पर ज्यादा निर्भर हो गई है। पाकिस्तान की घरेलू अर्थव्यवस्था में गहरे स्ट्रक्चरल तनाव के संकेत मिल रहे हैं। पाकिस्तान के कुशल मजदूर ही नहीं, उच्च शिक्षित और स्किल्ड प्रोफेशनल्स भी बड़ी संख्या में देश छोड़ रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने अपने एक्स हैंडल पर पलायन के आंकड़ों पेश किए। उन्होंने इन आंकड़ों को देश के व्यापक शासन और आर्थिक चुनौतियों से जोड़ा।
‘ब्रेन गेन’ के दावे पर सवाल
पाकिस्तान प्रवासन के ये आंकड़े सेना प्रमुख आसिम मुनीर के दावों से मेल नहीं खाते हैं। उन्होंने साल की शुरुआत में संयुक्त राज्य अमेरिका में पाकिस्तानी डायस्पोरा के साथ बातचीत के दौरान विदेश पलायन को ‘ब्रेन गेन’ बताया था।
पेशेवर लोग देश क्यों छोड़ रहे हैं
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, महंगाई, आर्थिक अस्थिरता, राजनीतिक अनिश्चितता, कमजोर शासन और करियर के सीमित मौके पेशेवरों को विदेश जाने पर मजबूर कर रहे हैं। विदेश में बेहतर सैलरी, रिसर्च के मौके और बेहतर जीवन स्तर उन्हें अपनी ओर खींच रहे हैं।