Last Updated on नवम्बर 11, 2025 7:25, पूर्वाह्न by Khushi Verma
फिजिक्सवाला का 3,480 करोड़ रुपये का आईपीओ 11 नवंबर को खुलेगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए 103-109 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 13 नवंबर तक बोली लगाई जा सकती है। कंपनी इस इश्यू में 3,100 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि 380 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत बेचे जाएंगे। इस इश्यू में कम से कम 137 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी।
Physicswallah ने आईपीओ के लिए जो प्राइस बैंड तय किया है, उसके ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन 31,500 करोड़ रुपये आती है। इनवेस्टर्स को कंपनी शेयरों का एलॉटमेंट 14 नवंबर को कर सकती है। स्टॉक एक्सचेंजों पर कंपनी के शेयर 18 नवंबर को लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट में फिजिक्सवाला के शेयरों पर 2.75 फीसदी प्रीमियम चल रहा था। यह एक दिन पहले चल रहे 3.67 फीसदी प्रीमियम के मुकाबले कम है।
एसबीआई सिक्योरिटीज ने इस आईपीओ पर ‘न्यूट्रल’ राय दी है। उसने कहा है कि वह लिस्टिंग के बाद कंपनी के प्रदर्शन को देखना चाहेगी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि यह ऐडटेक कंपनी कॉम्पटेटिव एग्जाम्स और दूसरे कोर्सेज के लिए टेस्ट-प्रिपरेशन ऑफर करती है। यह रेवेन्यू के लिहाज से इंडिया की सबसे बड़ी 5 ऐडटेक कंपनियों में से एक है। FY25 में फिजिक्सवाला का लॉस बढ़कर 216 करोड़ रुपये हो गया। एसबीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि शेयरों के 109 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर इस इश्यू की वैल्यूएशन लिस्टिंग के बाद EV/Sales की 9.7 गुना है, जो वाजिब लगता है।
एंजलवन ने कहा है कि फिजिक्सवाला के फाइनेंशियल्स को P/E आधार पर नहीं देखा जा सकता। इसकी वजह यह है कि यह कंपनी अभी लॉस में है। इंडिया में ऐडटेक सेक्टर में कोई दूसरी लिस्टेड कंपनी नहीं है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही है। इसका ब्रांड भी स्ट्रॉन्ग है। लेकिन, ऐडटेक सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से मुनाफा कमाने की क्षमता पर दबाव दिख रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि हमने इस इश्यू को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। हमारा मानना है कि निवेशकों को लंबी अवधि की पोजीशन लेने से पहले कंपनी की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार करना चाहिए।
फिजिक्सवाला नोएडा की कंपनी है। यह इश्यू से हासिल पैसे में से 460.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए ऑफलाइन और हाइब्रिड सेंटर्स के फिट-आउट्स के लिए करेगी। 548.3 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मौजूदा हाइब्रिड और ऑफलाइन सेंटर्स के लीज पेमेंट के लिए करेगी। 47.2 करोड़ रुपये का निवेश यह अपनी सब्सिडियरी Xylem Learning में करेगी।