Last Updated on अप्रैल 23, 2025 16:12, अपराह्न by
Q4 IT report : IT शेयरों में आज तूफानी तेजी है। टेक महिंद्रा (TECH MAHINDRA) को छोड़ कर सभी दिग्गज IT कंपनियों के नतीजे आ गए हैं। नतीजों में क्या है खास, बाजार को क्या पसंद आया है, इसकी जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के आशीष वर्मा ने कहा कि चौथी तिमाहा में TCS की कॉन्सटेंट करेंसी आय ग्रोथ -0.8 फीसदी रही है। हालांकि इस के सपाट रहने का अनुमान था। इसी WIPRO की कॉन्सटेंट करेंसी आय ग्रोथ – 0.5 फीसदी के अनुमान के मुकाबले -0.8 फीसदी रही है। वहीं, INFOSYS की कॉन्सटेंट करेंसी आय ग्रोथ –1 फीसदी के अनुमान के मुकाबले -3.5 फीसदी रही है। जबकि HCL TECH की कॉन्सटेंट करेंसी आय ग्रोथ -1 फीसदी के अनुमान के मुकाबले -0.8 फीसदी रही है
नई डील मिलने की रफ्तार जारी
चौथी तिमाही में आईटी कंपनियों को नई डील मिलने की रफ्तार जारी रही है। TCS ने इस अवधि में TCS अरब डॉल की डील हासिल की है। कंपनी की डील विन में 20 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इसी तरह चौथी तिमाही में Infosys की न्यू डील विन 6 फीसदी की बढ़त के साथ 2.6 अरब डॉलर पर रही है। Wipro को चौथी तिमाही में 3.9 अरब डॉलर के ऑर्डर मिले हैं। इसकी नई डील में 14 फीसदी की बढ़त हुई है। चौथी तिमाही में HCLTech की नई डील 43 फीसदी बढ़कर 2.9 अरब डॉलर पर रही है।
Q4 में मैनेजमेंट कमेंट्री
आईटी कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर डालें तो आम धारणा ये है कि क्लाइंट सतर्क हो रहे हैं, वेट एंड वॉच का नजरिया है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने में देरी हो रही है। अनिश्चितता के चलते डिस्क्रिशनरी खर्च करने में देरी हो रही है। कम कॉस्ट वाली डील्स ट्रैक पर हैं
आय गाइडेंस
कंपनियों की अर्निंग्स गाइडेंस पर नजर डालें तो विप्रो ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए -3.5%-1.5% का अर्निंग गाइडेंस दिया है। वहीं, Infosys ने पहली तिमाही क लिए 0–3% का अर्निंग गाइडेंस दिया है। जबकि, HCL Tech ने इस अवधि के लिए 2–5% का अर्निंग गाइडेंस दिया है। वहीं, TCS ने कहा है कि कमाई के लिहाज से वित्त वर्ष 2026 बेहतर रहेगा।
चौथी तिमाही के नतीजों के बाद अब IT कंपनियों की आगे की क्या तस्वीर बन रही है इस पर बात करते हुए वासुकी इंडिया फंड के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट ओमकार टंकसाले ने कहा कि आईटी कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री में एक बात कॉमन है कि डिस्क्रिशनरी खर्च में तेजी आती नहीं दिख रही है। इसको लेकर हमें सतर्क रहने की जरूरत है। आईटी खर्च में देरी हो सकती है। इसकी वजह से कंपनियों की कमाई पर दबाव देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा नई भर्तियों में भी सुस्ती देखने को मिल रही है। आज आईटी शेयरों में तेजी आई है। लेकिन ये तेजी टिकाऊ नहीं होगी। किसी खराब न्यूज से फिर से आईटी में बिकवाली आ सकती है। आगे आने वाले 6 महीने हमें इस सेक्टर पर नजदीकी से नजर रखना चाहिए। आगे 6 महीने आईटी सेक्टर के लिए चुनौती पूर्ण रहेंगे।