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RIL Share Price: रिलायंस के शेयरों में 4% से ज्यादा की तेजी, ब्रोकरेज फर्मों ने बढ़ाए टारगेट प्राइस, जानें कारण

RIL Share Price:  रिलायंस के शेयरों में 4% से ज्यादा की तेजी, ब्रोकरेज फर्मों ने बढ़ाए टारगेट प्राइस, जानें कारण

Last Updated on जनवरी 17, 2025 13:59, अपराह्न by Pawan

RIL Share Price: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में आज 17 जनवरी को 4 फीसदी से अधिक की उछाल देखने को मिली। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि ब्रोकरेज फर्मों ने दिसंबर तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के बाद कंपनी के शेयर को लेकर अपने टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं और रेटिंग्स की दोबारा पुष्टि की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर शुरुआती कारोबार के दौरान 4.4% बढ़कर 1,325 रुपये प्रति शेयर के उच्चतम स्तर तक पहुंच गए। सुबह 10:19 बजे, बीएसई पर शेयर 1,294 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे, जो 2% की बढ़त को दिखाता है। वहीं इसके मुकाबले सेंसेक्स 0.5 फीसदी की गिरावट के साथ 76,664 अंकों पर कारोबार कर रहे थे।

नुवामा रिसर्च ने रिलायंस के शेयर पर अपनी खरीदारी की सलाह बरकरार रखी और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,673 रुपये प्रति शेयर कर दिया। वहीं मोतीलाल ओसवाल ने भी इस शेयर पर अपनी खरीदारी की सलाह दोहराई है और इसका टारगेट प्राइस 26 प्रतिशत बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति शेयर किया है।

जबकि कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने 1,435 रुपये (पहले 1,405 रुपये) के नए टारगेट प्राइस के साथ शेयर पर “ADD” की रेटिंग बरकरार रखी। HDFC सिक्योरिटीज ने भी 1,670 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ “ADD” रेटिंग बरकरार रखी।

एनालिस्ट्स के मुताबिक, ऑयल-टू-केमिकल्स(O2C) बिजनेस के मार्जिन में सुधार, डिजिटल बिजनेस के EBITDA में बढ़ोतरी और रिटेल व डिजिटल सेगमेंट में वैल्यू अनलॉक के संभावित मौके को देखते हुए कंपनी के टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की गई है।

तीसरी तिमाही के नतीजे कैसे रहें?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के तीसरी तिमाही के नतीजे सकारात्मक रहे, खासकर संगठित रिटेल और O2C सेगमेंट में। रिटेल बिजनेस के EBITDA में सालाना आधार पर 9.1% और तिमाही आधार पर 16.7% की ग्रोथ दर्ज की गई। इस प्रदर्शन ने अनुमानों को 8% से अधिक पीछे छोड़ दिया। रिटेल सेगमेंट में B2C ग्रॉसरी की बिक्री में 37% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई।

वहीं ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस में, EBITDA सालाना 2.4% और तिमाही आधार पर 16% बढ़ा। यह अनुमान से 7% अधिक रहा। E&P (एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन) सेगमेंट में EBITDA 5.2% तिमाही आधार पर बढ़ा और ₹56 बिलियन पर पहुंचा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का कुल EBITDA दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 8 फीसदी और तिमाही आधार पर 12 फीसदी बढ़कर जो 438 अरब रुपये पर पहुंच गया।

हालांकि, टेलीकॉम सेगमेंट का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा क्योंकि जुलाई 2024 में किए गए टैरिफ बढ़ोतरी का लाभ पूरी तरह से सामने नहीं आया। इसके बावजूद, बाकी सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन ने इस नुकसान की भरपाई की।

शेयर के लिए ट्रिगर साबित हो सकता IPOs का ऐलान

कंपनी के डिजिटल और रिटेल सेगमेंट के IPO लॉन्च की स्पष्टता आने वाले महीनों में स्टॉक के लिए ट्रिगर हो सकती है। इस बीच JM फाइनेंशियल ने बताया कि रिलायंस का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) धीरे-धीरे कम हो सकता है, जिससे शुद्ध कर्ज में कमी आएगी। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 2.3 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स किया था, जबकि FY24 और FY25 में यह ₹1.2-1.4 लाख करोड़ रहने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर

एनालिस्ट्स का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हाल ही में 17% तक गिरे थे, जिससे उनका मूल्यांकन निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो गया है। मौजूदा बाजार भाव पर, रिलायंस इंडस्ट्रीज का P/E मल्टीपल FY27E के लिए 16.3x है, जो पिछले 3 सालों के औसत 24.7x से कम है। इसी तरह, EV/EBITDA FY27E का 8.6x है, जो पिछले औसत 12.6x से कम है।

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