Last Updated on दिसम्बर 26, 2025 14:49, अपराह्न by Khushi Verma
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में आज 26 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 400 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 26,050 के नीचे आ गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और चुनिंदा सेक्टर्स में मुनाफावसूली के चलते बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना रहा। क्रिसमस की छुट्टी के चलते छोटे कारोबारी हफ्ते में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इससे भी बाजार का मनोबल कमजोर हुआ।
दोपहर 1 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स करीब 408 अंक या 0.47 फीसदी टूटकर 85,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी करीब 110 अंक या 0.45 फीसदी टूटकर 26,030.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 4 बड़े कारण रहे-
1. रुपये में कमजोरी ने बढ़ाया दबाव
शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे टूटकर 89.94 के स्तर पर आ गया। विदेशी निवेशकों की निकासी, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और इंपोर्टर की ओर से डॉलर की मांग ने रुपये पर दबाव बनाया। फॉरेक्स मार्केट में रुपया 89.84 पर खुला था, लेकिन धीरे-धीरे फिसलकर 89.94 तक पहुंच गया। क्रिसमस के कारण गुरुवार को विदेशी करेंसी और शेयर बाजार बंद रहे थे।
2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार से 1,721.26 करोड़ रुपये की निकासी की। यह लगातार तीसरा दिन था, जब विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट VK विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 2025 की तीसरी तिमाही में 4.3 फीसदी रही, जो काफी मजबूत ग्रोथ है। इसने अमेरिकी शेयर बाजार को आकर्षक बना दिया है। इसके चलते हेज फंड्स समेत दूसरे विदेशी निवेशक निकट अवधि में भारत में बिकवाली बढ़ा सकते हैं।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ग्लोबल बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के तेल शिपमेंट पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर हवाई हमलों की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 0.4 फीसदी चढ़कर 62.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड के दाम भी 0.4 फीसदी बढ़कर 58.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे बड़े खरीदार देशों के लिए नेगेटिव संकेत मानी जाती हैं।
4. मुनाफावसूली से फिसले बड़े शेयर
बाजार में ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी। निफ्टी 50 में शामिल श्रीराम फाइनेंस और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में इंट्राडे आधार पर 2 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। वीके विजयकुमार ने कहा कि साल 2025 के खत्म होने में अब केवल चार कारोबारी दिन बचे हैं और जो तेजी ‘सांता रैली’ जैसी लग रही थी, वह अब थमती नजर आ रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते जैसे किसी बड़े ट्रिगर के अभाव में बाजार मौजूदा स्तरों के आसपास ही कंसोलिडेट कर सकता है।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 26,100 का स्तर लगातार दूसरे दिन भी गिरावट का अहम संकेत बना हुआ है। उन्होंने बताया कि चार्ट पर “ईवनिंग स्टार” पैटर्न बनने से निफ्टी में आगे और कमजोरी आ सकती है और इंडेक्स 25,935 से 25,850 के दायरे तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर निफ्टी 26,325 के ऊपर निकलता है, तो इसमें तेजी आ सकती है और यह 26,550 से 26,850 के स्तर तक पहुंच सकता है