Last Updated on दिसम्बर 19, 2025 11:51, पूर्वाह्न by Khushi Verma
Share Market Rise: लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद आज 19 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजारों में तेजी लौटी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 550 अकों से भी अधिक उछल गया। वहीं निफ्टी बढ़कर 25,950 के पार पहुंच गया। अमेरिका में महंगाई दर घटने, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में आज चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मेटल को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी 0.6 फीसदी तक उछल गए।
सुबह करीब 11 बजे, सेंसेक्स 540 अंक या 0.64 की तेजी के साथ 85,022.08 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 152.60 अंक या 0.59 की तेजी के साथ 25,968.15 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 6 बड़े कारण रहे-
1. अमेरिका में महंगाई ठंडी, फेड रेट कट की उम्मीद
अमेरिका में उपभोक्ता महंगाई दर नवंबर में उम्मीद से कम बढ़ी है। नवंबर में अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) सालाना आधार पर 2.7 फीसदी रहा, जो सितंबर तक के 12 महीनों में दर्ज 3 फीसदी की बढ़त से कम है। इससे अमेरिका में महंगाई के नरम होने का संकेत मिला है। महंगाई घटने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आने वाले समय में ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद फिर से बढ़ गई है।
अमेरिका में ब्याज दरें कम होने से भारत जैसे इमर्जिंग देशों के शेयर मार्केट विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। इससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में आमतौर पर कमजोरी आती है।
2. मजबूत ग्लोबल संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में भी आज मजबूती देखने को मिली। सुबह के कारोबार में जापान का निक्केई इंडेक्स 1.3%, साउथ कोरिया का KOSPI इंडेक्स 0.8% और ताइवान का TAIEX इंडेक्स 1.3% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था। चीन के ब्लूचिप शेयरों में 0.6% की तेजी देखी गई। इससे पहले अमेरिकी शेयर मार्केट भी गुरुवार रात को हरे निशान में बंद हुए थे।
3. रुपये में लगातार मजबूती
भारतीय रुपया गुरुवार को लगातार तीसरे दिन मजबूत हुआ। रुपया डॉलर के मुकाबले 90.15 पर खुला, जबकि इसके पिछले सत्र में यह 90.25 पर बंद हुआ था। रुपये में मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित हस्तक्षेप की भूमिका मानी जा रही है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में रुपया डॉलर के मुकाबले 1.04% मजबूत हुआ है। रुपये की मजबूती से भारतीय शेयर बाजार में भी पॉजिटिव सेंटिमेंट बना।
4. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार 18 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर मार्केट में खरीदारी की। उन्होंने करीब 600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी मजबूती से खरीदार बने रहे और बाजार में 2,700 करोड़ रुपये का निवेश किया।
मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांत तापसे के मुताबिक, अमेरिका में पॉलिसी रेट कम होने से भारत में विदेशी निवेश बढ़ सकता है। इससे रुपये को मजबूती मिलेगी और बाजार में लिक्विडिटी भी बेहतर होगी।
5. Accenture के शानदार नतीजे
अमेरिका की दिग्गज आईटी कंपनी एक्सेंचर (Accenture) ने पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए। कंपनी का रेवेन्यू $18.74 अरब रहा, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान $18.52 अरब का था। कंपनी की नई बुकिंग 12% बढ़कर $20.9 अरब पहुंच गई, जिसमें कंसल्टिंग बुकिंग $9.88 अरब और मैनेज्ड सर्विसेज बुकिंग $11.06 अरब रही।
एक्सेंचर ने बताया कि AI आधारित सॉल्यूशंस की मजबूत मांग से उसका कारोबार बढ़ा है। इसका असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखा। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और विप्रो जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में 1 फीसदी तक की तेजी देखी गई। इसके अलावा, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है, जिसका फायदा अमेरिकी टेक कंपनियों और भारतीय आईटी कंपनियों दोनों को मिल सकता है।
6. फार्मा शेयरों में तेजी
फार्मा कंपनियों के शेयरों में आज शानदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी फार्मा इंडेक्स कारोबार के दौरान 1.3 फीसदी तक उछल गए। अमेरिका के डिफेंस बिल में यूएस बायोसिक्योर एक्ट भी शामिल है। इस बिल के चलते ग्लोबल फार्मा कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को चीन से बाहर और ज्यादा डायवर्सिफाई करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों को फायदा मिल सकता है। वॉकहार्ट फार्मा, डिवीज लैबोरेट्रीज और लॉरस लैब्स के शेयरों में इस उम्मीद से सबसे ज्यादा तेजी देखी गई।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग की टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट अमृता शिंदे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 25,900 से 26,000 का स्तर फिलहाल बड़ी रुकावट है। वहीं नीचे की ओर 25,700 और 25,600 के स्तर मजबूत सपोर्ट माने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक निफ्टी 25,500 के ऊपर बना रहता है, तब तक गिरावट पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना सही रणनीति हो सकती है, लेकिन इसके साथ सख्त स्टॉप-लॉस लगाना जरूरी है। अमृता शिंदे ने आगे कहा कि ज्यादा लीवरेज लेने से बचें, ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस को कड़ा रखें और मुनाफा धीरे-धीरे बुक करें। नए लॉन्ग पोजीशन तभी लें, जब निफ्टी 26,100 के ऊपर मजबूती से निकल जा