ब्रोकरेज के मुताबिक, DAC की ये मंजूरियां भले ही तुरंत ऑर्डर में तब्दील न हों, लेकिन इनके दायरे और पैमाने से आने वाले 2 से 4 साल में डिफेंस कंपनियों के लिए ऑर्डर फ्लो का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। इन प्रस्तावों में गोला-बारूद, मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस, सर्विलांस और कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, ट्रेनिंग सिस्टम और नेवल सपोर्ट प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जिससे तीनों सेनाओं के लिए संतुलित आधुनिकीकरण की तस्वीर उभरती है।