Supertech Housing Project: क्या आपने भी सुपरटेक लिमिटेड के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था? और अभी तक घर नहीं मिला है? आपके लिए अच्छी खबर है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुपरटेक लिमिटेड के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फंसे लोगों को राहत मिल सकती है। नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) ने सुपरटेक के पेंडिंग हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर बड़ा ऐलान किया है।
3 साल में 50,000 फ्लैट्स बनाएगी NBCC
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी कंपनी एनबीसीसी ने सुपरटेक लिमिटेड के 17 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के 50,000 फ्लैट्स का निर्माण 3 साल में पूरा करने का प्रस्ताव दिया है। ये सभी फ्लैट्स तीन चरणों में बनाए जाएंगे। दिवालिया हो चुकी सुपरटेक लिमिटेड के प्रमोटर पर फंड डायवर्जन और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई आरोप लगे हैं, जिसके कारण कंपनी के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का निर्माण रुक गया है। इन पेंडिंग योजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम करने की इजाजत मांगी है। एनबीसीसी पहले से ही अम्रपाली के रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
पहले चरण में 26,000 फ्लैट्स का होगा निर्माण
एनबीसीसी ने पहले चरण में 26,000 फ्लैट्स बनाने का टारगेट रखा है, जिनमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फैले 7 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
इको विलेज 2, ग्रेटर नोएडा, 7135 फ्लैट्स
रोमानो, नोएडा, 2130 फ्लैट्स
केप टाउन, नोएडा, 4932 फ्लैट्स
केजार सुइट, ग्रेटर नोएडा, 2102 फ्लैट्स
इको विलेज-3, ग्रेटर नोएडा, 3917 फ्लैट्स
स्पोर्ट्स विलेज, ग्रेटर नोएडा, 365 फ्लैट्स
इको सिटी, नोएडा, 2151 फ्लैट्स
दूसरे और तीसरे चरण की योजनाएं
दूसरे चरण में, नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में 19,559 फ्लैट्स का निर्माण किया जाएगा। तीसरे चरण में गुरुग्राम, रुद्रपुर, देहरादून और बेंगलुरु में 4,773 फ्लैट्स पूरे किए जाएंगे।
9,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
NBCC ने योजनाओं को पूरा करने की संभावित समयसीमा 12 से 36 महीने तय की है, जो ‘डे जीरो’ से शुरू होगी। डे जीरो में लैंड अप्रूवल से लेकर फंड्स शामिल है। इसके लिए एनबीसीसी ने स्थानीय अधिकारियों सुपरटेक और घर खरीदारों से सहयोग मांगा है। एनबीसीसी ने सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की लागत करीब 9,500 करोड़ रुपये आंकी है, जबकि रसीदें 16,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसमें 10,000 अपार्टमेंट के अनसोल्ड इन्वेंटरी से 14,000 करोड़ रुपये हो सकते हैं। इस कदम से फंसे हुए घर खरीदारों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है।