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Tata Capital IPO का ड्राफ्ट हुआ फाइल, टाटा संस बेचेगी 23 करोड़ शेयर

Tata Capital IPO का ड्राफ्ट हुआ फाइल, टाटा संस बेचेगी 23 करोड़ शेयर

Last Updated on अगस्त 5, 2025 8:44, पूर्वाह्न by Pawan

Tata Capital IPO: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कैपिटल ने अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। यह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सहायक कंपनी है। रॉयटर्स के मुतााबिक, आईपीओ में 21 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 26.58 करोड़ शेयरों को ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बिक्री के लिए रखा जाएगा। OFS में टाटा संस 23 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही है। वहीं इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन 3.58 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी में है।

कोटक महिंद्रा कैपिटल, बीएनपी पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स में शामिल हैं। Tata Capital अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल प्राप्त भविष्य की पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इन जरूरतों में उधार देना भी शामिल है। टाटा कैपिटल एक NBFC है। टाटा संस के पास टाटा कैपिटल में 92.83 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

कॉन्फिडेंशियल रूट से जमा किए गए ड्राफ्ट को मिल चुकी है मंजूरी

इससे पहले Tata Capital ने अप्रैल 2025 में IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए ड्राफ्ट जमा किया था, जिसे SEBI ने जून महीने में मंजूरी दे दी। कहा गया था कि कंपनी अपने IPO की मदद से 17,200 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। ड्राफ्ट SEBI के साथ-साथ BSE और NSE को भी जमा किया था। कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।

कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग, कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।

कब तक आएगा IPO

टाटा कैपिटल का IPO सितंबर 2025 से पहले आ जाएगा। इसकी वजह है कि टाटा कैपिटल को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से अपर लेयर NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) का दर्जा दिया गया है। RBI के आदेश के अनुसार, अपर लेयर NBFC के लिए यह मान्यता मिलने के 3 साल के अंदर शेयर बाजारों में लिस्ट होना जरूरी है। टाटा कैपिटल को सितंबर, 2022 में अपर लेयर NBFC के रूप में क्लासिफाई किया गया था। इसका मतलब है कि इसे सितंबर 2025 तक शेयर बाजारों में लिस्ट होना है।

Tata Capital की वित्तीय सेहत

टाटा कैपिटल की वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 18,178 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया था। यह एक साल पहले से 34% ज्यादा था। मुनाफा 3,150 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। कंपनी की लोन बुक सालाना आधार पर 40 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई थी। वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही यानि अप्रैल-सितंबर में टाटा कैपिटल का मुनाफा सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 1,825 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। हमारी तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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