Last Updated on अक्टूबर 10, 2025 7:20, पूर्वाह्न by Pawan
टीसीएस को रीस्ट्रक्चरिंग पर 1,135 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं। कंपनी ने सितंबर तिमाही के नतीजों में यह बताया है। उसने कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसे रीस्ट्रक्चरिंग पर 1,135 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं। इसकी वजह कई एंप्लॉयीज को नौकरी से हटाने का कंपनी का फैसला है। कंपनी ने कई एंप्लॉयीज के रोल में भी बदलाव किए हैं। नौकरी से हटाए गए एंप्लॉयीज को कंपनी को कंपनसेशन देना पड़ा। टीसीएस इंडिया की सबसे आईटी कंपनी है।
कंपनी ने 9 अक्टूबर को नतीजों का एलान किया
टाटा समूह की इस कंपनी ने 9 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि रीस्ट्रक्चरिंग पर खर्च का असर उसके कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पर पड़ा। यह मामूली वृद्धि के साथ 12,075 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने इस खर्च को एक्सेप्शनल आइटम बताया है। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 65,799 करोड़ रुपये रहा। यह जून तिमाही के मुकाबले 3.7 फीसदी ज्यादा है। कंस्टैंट करेंसी के लिहाज से यह 0.8 फीसदी ग्रोथ है। यह एनालिस्ट्स के अनुमान के मुकाबले थोड़ी कम है। सीएनबीसीटीवी-18 के पोल में कंपनी का प्रॉफिट 12,528.3 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया था। रेवेन्यू 65,114 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।
कंपनी के सीईओ ने 2 महीने पहले बताया था छंटनी का प्लान
टीसीएस का रीस्ट्रक्चरिंग पर 1,135 करोड़ रुपये का खर्च कंपनी के सीईओ के कृत्तिवासन के मनीकंट्रोल को यह बताने के दो महीने बाद आया है कि कंपनी अपने एंप्लॉयीज की संख्या में 2 फीसदी कमी करेगी। इसका मतलब है कि इस वित्त वर्ष में कंपनी का प्लान करीब 12,000 एंप्लॉयीज की छंटनी का है। कंपनी चरणबद्ध तरीके से मिड और सीनियर लेवल के एंप्लॉयीज की संख्या घटा रही है। कंपनी के इस कदम से एंप्लॉयीज में घबराहट है। इसका असर पूरी आईटी इंडस्ट्रीज के एंप्लॉयीज पर पड़ा है।
एंप्लॉयीज यूनियंस ने ज्यादा संख्या में छंटनी का किया दावा
टीसीएस के एंप्लॉयीज और आईटी एंप्लॉयीज के यूनियन का दावा है कि नौकरी से हटाए गए एंप्लॉयीज की असल संख्या काफी ज्यादा है। उनका आरोप है कि छंटनी की संख्या कम दिखाने के लिए कई एंप्लॉयीज को स्वयं इस्तीफा देने को कहा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई एंप्लॉयीज यूनियंस ने इसके विरोध में प्रदर्शन किए हैं। इनमें ऑल इंडिया आईटी एंड आईटीईएस एंप्लॉयीज यूनियन (AIITEU), फॉरम फॉर आईटी एंप्लॉयीज (FITE) और यूनियन ऑफ आईटी एंड आईटीईएस एंप्लॉयीज (UNITE) शामिल हैं।
कंपनी के प्रवक्ता ने यूनियंस के आरोपो को किया खारिज
एंप्लॉयीज यूनियंस का कहना है कि एंप्लॉयीज को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें जबर्दस्ती नौकरी से बाहर किया जा रहा है। कंपनी से जुड़े एक करीबी सूत्र ने इन दावों को खारिज किया। उन्होंने इसे गलत और भ्रामक बताया। टीसीएस के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि जैसा कि पहले बताया गया है कि छंटनी का असर सिर्फ 2 फीसदी एंप्लॉयीज पर है।