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Vodafone Idea Shares: 2025 में मिला 50% से ज्यादा रिटर्न, अब भी 26% तेजी की उम्मीद; जानिए टारगेट प्राइस

Vodafone Idea Shares: 2025 में मिला 50% से ज्यादा रिटर्न, अब भी 26% तेजी की उम्मीद; जानिए टारगेट प्राइस

Vodafone Idea Shares: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयरों में 2025 में अब तक करीब 50% की तेजी देखने को मिल चुकी है। इसी अवधि में Bharti Airtel ने करीब 31.35% का रिटर्न दिया है। यानी रिटर्न के मामले में Vodafone Idea ने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ दिया है।

ब्रोकरेज की राय: टारगेट प्राइस पर मतभेद

Vodafone Idea को लेकर ब्रोकरेज हाउसेज की राय एक जैसी नहीं है। Ambit Capital ने स्टॉक का टारगेट प्राइस थोड़ा घटाकर ₹15.10 कर दिया है, जो पहले ₹15.40 था। इसकी वजह कंपनी ने निकट अवधि के लिए ARPU (Average Revenue Per User) के अनुमान को कम करना बताया है, जो दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर्स के ट्रेंड के मुताबिक है।

 

हालांकि, इसके बावजूद Ambit Capital का मानना है कि मौजूदा भाव से स्टॉक में अब भी करीब 26% का अपसाइड बनता है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने Vodafone Idea पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। उसका कहना है कि आगे शेयर की दिशा तय करने में सब्सक्राइबर ग्रोथ सबसे अहम फैक्टर होगा।

JM Financial और MOFSL क्या कह रहे

दूसरी तरफ JM Financial ने Vodafone Idea पर ‘Add’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹11.50 रखा है। यह 5% का संभावित डाउनसाइड है। वहीं MOFSL यानी Motilal Oswal Financial Services ने स्टॉक के लिए ₹10 का टारगेट दिया है। यह मौजूदा शेयर प्राइस से 17.4% की संभावित गिरावट दिखाता है।

Airtel-Jio के मुकाबले कमजोर पोजिशन

Ambit Capital का कहना है कि Bharti Airtel और Jio के मुकाबले Vodafone Idea के पास नए बिजनेस में जाने के उतने मौके नहीं हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि Vodafone Idea FY28 से नेट सब्सक्राइबर जोड़ना शुरू करेगा, लेकिन तब तक कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना होगा।

Ambit के मुताबिक, सरकारी बकाया (AGR dues) का भारी बोझ और कैपेक्स के लिए फंड न जुटा पाने की वजह से 2018 के मर्जर के बाद Vodafone Idea की कस्टमर मार्केट शेयर में 18.81 पर्सेंट की गिरावट आ चुकी है। फिलहाल कंपनी का मार्केट शेयर करीब 17.1% रह गया है।

सरकार से राहत की उम्मीद क्यों अहम

Ambit Capital का मानना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रणनीतिक सेक्टर में ड्यूपॉली से बचने के लिए सरकार Vodafone Idea को सपोर्ट दे सकती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि सरकार AGR बकाये पर दो साल का मोरेटोरियम दे सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर Ambit का कहना है कि सरकार सिर्फ मोरेटोरियम ही नहीं, बल्कि AGR का आंशिक माफी देने पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, यह संभावित राहत अभी Ambit के टारगेट प्राइस में शामिल नहीं की गई है।

फंडिंग और कैपेक्स पर बनी हुई है नजर

Ambit Capital ने कहा है कि सरकार के सहयोग की उम्मीद में उसने Vodafone Idea पर ‘Buy’ रुख बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगर सरकारी समर्थन मिलता है, तो कंपनी फंड जुटाने और जरूरी कैपेक्स करने में सक्षम हो सकती है।

तुलना करें तो इस वक्त Bharti Airtel के पास करीब 3.40 लाख टावर हैं। वहीं, Vodafone Idea के पास लगभग 1.95 लाख टावर ही हैं। यही अंतर नेटवर्क क्वालिटी और सब्सक्राइबर ग्रोथ को प्रभावित करता है।

अब तक कितना फंड जुटा चुकी है कंपनी

Vodafone Idea ने फरवरी 2024 से अब तक करीब ₹22,000 करोड़ इक्विटी के जरिए जुटाए हैं। इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में ₹3,300 करोड़ का कर्ज Non-Convertible Debentures (NCDs) के जरिए भी जुटाया है।

AGR से जुड़ी सरकारी राहत के बाद Ambit Capital को उम्मीद है कि बैंक भी आगे चलकर कर्ज देने के लिए ज्यादा तैयार होंगे, क्योंकि अब Vodafone Idea का लॉन्ग-टर्म डेट इनवेस्टमेंट ग्रेड माना जा रहा है।

आगे भी फंड जुटाने की जरूरत बनी रहेगी

ब्रोकरेज का अनुमान है कि Vodafone Idea FY28 में ₹17,400 करोड़ के डिफर्ड स्पेक्ट्रम पेमेंट नहीं कर पाएगी। ऐसे में कंपनी को आगे भी इक्विटी या डेट के जरिए फंड जुटाना पड़ सकता है, ताकि नेटवर्क विस्तार और कैपेक्स की जरूरतें पूरी की जा सकें।

सरकार की भूमिका क्यों सबसे अहम

Ambit Capital का कहना है कि सरकार हमेशा टेलीकॉम सेक्टर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखना चाहती है। AGR केस के बाद Vodafone Idea की हालत लगभग दिवालिया जैसी हो गई थी, इसके बावजूद सरकार ने VI और Airtel दोनों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए।

हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि FY26 और FY27 में भी Vodafone Idea को सरकारी सपोर्ट की जरूरत होगी, क्योंकि 2026 में 15% टैरिफ बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी डिफर्ड स्पेक्ट्रम और AGR भुगतान नहीं कर पाएगी। सेक्टर के लिए सबसे बड़ा जोखिम यह हो सकता है कि सरकार मौजूदा कंपनियों की जगह किसी नए एंट्री को तरजीह दे।

JM Financial ने बताए अपसाइड के ट्रिगर

JM Financial ने 7 दिसंबर की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि Vodafone Idea के शेयरों में तेजी कुछ खास हालात में आ सकती है। जब AGR में ज्यादा वेवर मिले, प्री-2022 स्पेक्ट्रम सरेंडर की अनुमति दी जाए, ज्यादा बकाया इक्विटी में बदला जाए या मोरेटोरियम की अवधि बढ़ाई जाए।

इसके अलावा अगर तेज टैरिफ बढ़ोतरी होती है और Vodafone Idea का ब्लेंडेड ARPU FY26 में ₹183, FY27 में ₹207 और FY28 में ₹229 से ज्यादा रहता है, तो यह स्टॉक के लिए बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर बन सकता है।

Vodafone Idea के शेयरों का हाल

वोडाफोन आइडिया का शेयर मंगलवार को 1.25% की बढ़त के साथ 12.11 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 21.95% ऊपर गया है। वहीं, 6 महीने में इसने 62.99% का रिटर्न दिया है। 1 साल में यह 55.86% बढ़ा है। इस साल यानी 2025 में इसमें 51.19% की तेजी आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.31 लाख करोड़ रुपये है।

 

Disclaimer: दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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