Last Updated on दिसम्बर 12, 2025 14:51, अपराह्न by Khushi Verma
होम और फर्निशिंग कंपनी वेकफिट इनोवेशंस का IPO 2.52 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। अब 11 दिसंबर को इसका अलॉटमेंट फाइनल होने का इंतजार है। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग 15 दिसंबर को BSE, NSE पर होने वाली है। जिन लोगों ने Wakefit Innovations IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…
BSE पर कैसे करें चेक
MUFG Intime India की वेबसाइट से
वेकफिट इनोवेशंस का IPO 1,288.89 करोड़ रुपये का था। इसमें 377.18 करोड़ रुपये 1.93 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 911.71 करोड़ रुपये के 4.68 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहा। वेकफिट ने इस साल जून में IPO के जरिए पैसे जुटाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। अक्टूबर में सेबी ने इस IPO को मंजूरी दी।
वेकफिट को साल 2016 में शुरू किया गया था। इसके पास गद्दे, फर्नीचर और फर्निशिंग की एक बड़ी रेंज है। इन्हें यह अपनी वेबसाइट और COCO स्टोर्स के साथ-साथ बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मल्टी-ब्रांडेड आउटलेट जैसे अलग-अलग मार्केटप्लेस के जरिए बेचती है। वेकफिट की 5 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं। इनमें से 2 कर्नाटक के बेंगलुरु में, 2 तमिलनाडु के होसुर में और एक हरियाणा के सोनीपत में है। कंपनी के प्रमोटर अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा हैं। वेकफिट ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 580 करोड़ रुपये जुटाए।
Wakefit IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
वेकफिट का प्रस्ताव है कि IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 31 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 117 नए COCO रेगुलर स्टोर बनाने में किया जाएगा। 15.4 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए इक्विपमेंट और मशीनरी खरीदने में किया जाएगा। 161.4 करोड़ रुपये मौजूदा स्टोर के लीज, सब-लीज रेंट और लाइसेंस फीस के पेमेंट के लिए खर्च होंगे। इसके अलावा 108.4 करोड़ रुपये मार्केटिंग और एडवरटाइजमेंट पर खर्च होंगे। बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे। इससे पहले नवंबर में वेकफिट ने प्री-IPO फंडिंग राउंड के तहत DSP इंडिया फंड और 360 ONE इक्विटी अपॉर्चुनिटीज फंड से 56 करोड़ रुपये जुटाए