Last Updated on दिसम्बर 14, 2025 14:49, अपराह्न by Khushi Verma
2025 भी छंटनी से भरा साल रहा। इस साल बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने 120,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म कर दीं। कॉस्ट कटिंग, रीस्ट्रक्चरिंग और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा फोकस के चलते लोगों की जॉब गई। चिप बनाने वाली कंपनियों और IT सर्विसेज फर्म्स से लेकर क्लाउड और टेलीकॉम कंपनियों तक, अलग-अलग सेक्टर में जॉब कट हुआ। आइए जानते हैं 2025 के दौरान कौन सी 10 कंपनियां छंटनी के मामले में सबसे आगे रहीं…
साल में सबसे ज्यादा जॉब कट इंटेल में हुए। सेमीकंडक्टर सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने लगभग 24,000 जॉब खत्म कर दीं। फाइनेंस को स्थिर करने और फाउंड्री-फोकस्ड बिजनेस मॉडल में ट्रांजीशन को फंड करने की कोशिशों के तहत ऐसा किया गया।
Tata Consultancy Services
भारत की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने 2025 के दौरान लगभग 20,000 नौकरियां कम कीं। इसका कारण कर्मचारियों के स्किल्स आज के टाइम की जरूरत के हिसाब से न होना और AI-बेस्ड डिलीवरी मॉडल को अपनाया जाना रहा।
टेलिकम्युनिकेशंस कंपनी वेराइजन ने लागत कम करने के लिए ऑपरेशंस को रीस्ट्रक्चर करते हुए लगभग 15,000 पद कम कर दिए।
एमेजॉन ने अपनी कॉरपोरेट वर्कफोर्स में कमी करना इस साल भी जारी रखा। ऑर्गेनाइजेशनल लेयर्स को कम करने के लिए लगभग 14000 मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल खत्म कर दिए।
इस कंपनी ने लगभग 12,000 नौकरियां खत्म कीं। डेल ने अपनी कॉस्ट मैनेजमेंट ड्राइव को बढ़ाते हुए AI-ऑप्टिमाइज्ड हार्डवेयर और एंटरप्राइज सर्विसेज की ओर रुख किया।
एक्सेंचर और SAP ने भी इस साल बड़े पैमाने पर छंटनी की। एक्सेंचर ने अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 11,000 की कमी की। इसकी वजह थी कि क्लाइंट की मांग जेनरेटिव AI प्रोजेक्ट्स की ओर शिफ्ट हो गई। SAP ने क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस AI के आसपास रिसोर्स को फिर से व्यवस्थित करने के लिए 10,000 रोल कम करने की योजनाओं की घोषणा की।
माइक्रोसॉफ्ट ने गेमिंग और एज्योर सहित कई डिवीजंस में लगभग 9,000 नौकरियां कम कीं और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को प्राथमिकता दी।
तोशिबा ने अपने प्राइवेटाइजेशन के बाद रीस्ट्रक्चरिंग के तहत 5,000 जॉब रोल खत्म कर दिए। सिस्को ने इस साल 4250 लोगों की छंटनी की। कंपनी ने खर्च को साइबर सुरक्षा और AI डेवलपमेंट की ओर मोड़ा।