Last Updated on दिसम्बर 25, 2025 18:22, अपराह्न by Pawan
Yes Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक (Yes Bank) में जापान की दिग्गज बैंक Sumitomo Mitsui Banking Corporation (SMBC) की एंट्री को लेकर बाजार में बड़े बदलाव की उम्मीद थी। SMBC ने बैंक में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी। माना जा रहा था कि इससे Yes Bank को जापानी बैंकिंग एक्सपीरियंस, बेहतर गवर्नेंस और लॉन्ग टर्म स्थिरता मिलेगी।
लेकिन हकीकत यह रही कि इतनी बड़ी डील के बावजूद शेयर में वह जोश नहीं दिखा, जिसकी बाजार को उम्मीद थी। स्टॉक एक सीमित दायरे में ही फंसा रहा। अब निवेशकों का उत्साह भी ठंडा पड़ रहा। आइए जानते हैं वे 5 कारण, जिनकी वजह से स्टॉक सुस्त पड़ा है।
1. प्रॉफिटेबिलिटी बनी सबसे बड़ी चिंता
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शेयर में सुस्ती की सबसे बड़ी वजह बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार की धीमी रफ्तार है। Q2 FY26 में Yes Bank का NIM करीब 2.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले क्वार्टर से भी थोड़ा कम है।
वहीं बैंक का RoA सिर्फ 0.6 प्रतिशत और RoE करीब 5 से 6 प्रतिशत के दायरे में बना हुआ है। इसके अलावा बैंक अब भी पुराने AT-1 बॉन्ड्स के बोझ से पूरी तरह बाहर नहीं आ पाया है। इससे मुनाफे पर दबाव बना हुआ है। जब तक ये रेशियो मजबूत नहीं होते, तब तक शेयर की री-रेटिंग मुश्किल मानी जा रही है।
2. SMBC ने कंट्रोलिंग स्टेक से किया साफ इनकार
एक और बड़ा फैक्टर यह है कि SMBC ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी हिस्सेदारी 24.99 प्रतिशत से ऊपर नहीं बढ़ाएगी। यानी यह डील रणनीतिक निवेश जरूर है, लेकिन कंट्रोलिंग टेकओवर नहीं।
RBI ने भी SMBC को प्रमोटर का दर्जा नहीं दिया है। ऐसे में जिस बड़े मैनेजमेंट कंट्रोल बदलाव की उम्मीद निवेशकों को थी, वह फिलहाल होता नहीं दिख रहा।
3. रूमर्स ने पहले उड़ाया शेयर, फिर गिराया भरोसा
Yes Bank के शेयर में उतार चढ़ाव की एक बड़ी वजह रूमर्स भी रहे हैं। मई और जून 2025 के दौरान बाजार में यह अफवाह फैली थी कि SMBC बैंक में 51 प्रतिशत कंट्रोलिंग स्टेक खरीद सकती है।
इन खबरों के दम पर शेयर करीब 44 प्रतिशत तक चढ़ गया। लेकिन जब आधिकारिक तौर पर इसका खंडन हुआ, तो स्टॉक में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इससे साफ हो गया कि शेयर का बड़ा मूव फंडामेंटल से ज्यादा खबरों पर टिका हुआ था।
4. वैल्यूएशन सस्ता दिखता है, लेकिन तस्वीर अधूरी
वैल्यूएशन के लिहाज से Yes Bank करीब 1.2x P/B पर ट्रेड कर रहा है, जो पहली नजर में बहुत महंगा नहीं लगता। लेकिन 2020 के संकट के बाद से बैंक की प्रॉफिट रिकवरी अब भी अधूरी मानी जा रही है।
इसके अलावा बैंक का CASA रेशियो 30 प्रतिशत से नीचे है, जो किसी भी रिटेल फोकस्ड बैंक के लिए कमजोर संकेत माना जाता है।
5. SEBI जांच से बढ़ी अनिश्चितता
अनिश्चितता को बढ़ाने वाला एक और फैक्टर Securities and Exchange Board of India (SEBI) की ओर से चल रही डिस्क्लोजर से जुड़ी जांच है। हालांकि यह जांच अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई शॉर्ट टर्म में शेयर के सेंटिमेंट को दबा देती है।
आगे शेयर में क्या दिख रहा है रुख
एक्सपर्ट्स का मानना है कि Yes Bank में लॉन्ग टर्म रिस्क लेने वाले निवेशकों के लिए मौका जरूर है। SMBC की बोर्ड लेवल भागीदारी से गवर्नेंस और रणनीति में धीरे धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।
हालांकि शॉर्ट टर्म में शेयर के 20 से 25 रुपये की कंसॉलिडेशन रेंज में रहने की संभावना जताई जा रही है।
टेक्निकल ब्रेक पर कहां तक जा सकता है शेयर
यस बैंक का शेयर क्रिसमस से पहले बुधवार को 0.28% की मामूली गिरावट के साथ 21.68 रुपये पर बंद हुआ। Motilal Oswal और Nirmal Bang जैसे ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि अगर शेयर 23.5 रुपये के ऊपर मजबूती से ब्रेक करता है, तो 26 से 28 रुपये तक का लेवल दिख सकता है। हालांकि बाजार में यह नजरिया फिलहाल माइनॉरिटी बुलिश माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, एक्सपर्ट का मानना है कि SMBC जैसी मजबूत विदेशी बैंक की एंट्री Yes Bank के लिए लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव जरूर है। लेकिन शेयर की असली उड़ान तभी आएगी, जब मुनाफा, NIM और रिटर्न रेशियो में साफ और तेज सुधार दिखेगा। तब तक निवेशकों के लिए उत्साह से ज्यादा धैर्य और सतर्कता जरूरी बनी रहेगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। हमारी तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।